जर्मनी में स्टडी के सपनों को मिली दिशा, YES Germany फेयर में छात्रों की बड़ी भागीदारी
Delhi में German Education Fair 2026 में 700+ छात्रों ने हिस्सा लेकर Germany में study, scholarship और career options को explore किया.
यस जर्मनी द्वारा नई दिल्ली में आयोजित जर्मन एजुकेशन फेयर 2026 में 700 से ज्यादा छात्रों ने जर्मनी के प्रमुख विश्वविद्यालयों के रिप्रजेंटेटिव्स से सीधे बातचीत की. इस दौरान साफ दिखा कि भारतीय छात्रों में उच्च शिक्षा के लिए जर्मनी जाने का रुझान तेजी से बढ़ रहा है.
जर्मन एजुकेशन फेयर-
फेयर ने जर्मनी के अलग-अलग विश्वविद्यालयों के रिप्रजेंटेटिव्स और छात्रों के बीच सीधे संवाद का एक खास प्लेटफॉर्म दिया. इससे छात्रों को जर्मनी के एकेडमिक इको सिस्टम और ग्रेजुएशन व पोस्टग्रेजुएशन के लिए उपलब्ध विकल्पों को बेहतर तरीके से समझने का मौका मिला. फेयर के दौरान काउंसलिंग सेशंस भी आयोजित किए गए, जिनमें छात्रों को एप्लिकेशन प्रोसेस, भाषा की जरूरत और पढ़ाई के बाद मिलने वाले अवसरों के बारे में जानकारी दी गई.

एक भरोसेमंद डेस्टिनेशन बनकर उभर रहा-
इस मौके पर यस जर्मनी की सीईओ डॉ. लतिका चौधरी ने कहा, “जर्मनी धीरे-धीरे भारतीय छात्रों के लिए क्वालिटी इंटरनेशनल एजुकेशन का एक प्रमुख और भरोसेमंद डेस्टिनेशन बनकर उभर रहा है. यहां वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटीज, मजबूत रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़ी संख्या में इंग्लिश में पढ़ाए जाने वाले प्रोग्राम्स के जरिए छात्रों को बेहतर अकादमिक और करियर के अवसर मिलते हैं. इस पहल की सबसे खास बात यह रही कि छात्रों को यूनिवर्सिटी के रिप्रजेंटेटिव्स से सीधे बातचीत करने का मौका मिला, जिससे उन्हें फर्स्ट-हैंड जानकारी मिली, मौके पर एडमिशन की संभावनाएं समझ आईं और स्कॉलरशिप से जुड़े विकल्पों की भी स्पष्ट जानकारी मिली.”

उन्होंने आगे कहा, “यस जर्मनी पिछले कई वर्षों से छात्रों को जर्मनी में पढ़ाई के लिए मार्गदर्शन दे रहा है और एक अवॉर्ड-विनिंग कंसल्टेंसी के रूप में छात्रों और अभिभावकों का भरोसा हासिल कर चुका है. जर्मन एजुकेशन फेयर जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए हमारा उद्देश्य जानकारी की कमी को दूर करना है, ताकि छात्र अपनी ग्लोबल एजुकेशन को लेकर सही और आत्मविश्वास के साथ फैसले ले सकें.”
भारतीय छात्रों को लगातार आकर्षित कर रहा है-
एक्सपर्ट्स ने भी जर्मनी को उच्च शिक्षा के डेस्टिनेशन के रूप में भारतीय छात्रों के बीच बढ़ती दिलचस्पी पर अपने विचार साझा किए. उन्होंने बताया कि जर्मनी की ग्लोबली मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटीज, रिसर्च-आधारित पढ़ाई का माहौल और इंडस्ट्री से मजबूत जुड़ाव भारतीय छात्रों को लगातार आकर्षित कर रहा है.

नए ट्रेंड्स पर भी फोकस किया गया
फेयर में इंटरनेशनल स्टूडेंट मोबिलिटी और जर्मनी-भारत शिक्षा सहयोग से जुड़े नए ट्रेंड्स पर भी फोकस किया गया. इसमें खास तौर पर इस बात को उजागर किया गया कि इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट और एप्लाइड साइंसेज जैसे क्षेत्रों में पढ़ाई के लिए जर्मनी चुनने वाले भारतीय छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है.

भारतीय छात्रों के लिए पढ़ाई का पसंदीदा डेस्टिनेशन-
फेयर में शामिल हुए छात्रों को यूनिवर्सिटी के रिप्रजेंटेटिव्स से सीधे बातचीत करने का मौका मिला. इस दौरान उन्होंने स्कॉलरशिप से जुड़े अवसरों के बारे में जानकारी ली और कोर्स चुनने से लेकर वीजा प्रोसेस तक पूरी एप्लिकेशन जर्नी को अच्छे से समझा. काउंसलिंग सेशंस में मौजूद प्रतिभागियों ने अपने अनुभव और भविष्य की उम्मीदों को भी साझा किया. जर्मनी लगातार भारतीय छात्रों के लिए पढ़ाई का पसंदीदा डेस्टिनेशन बनता जा रहा है. ऐसे में यस जर्मनी द्वारा आयोजित जर्मन एजुकेशन फेयर जैसी पहलें छात्रों तक सही जानकारी पहुंचाने और उन्हें वैश्विक शिक्षण संस्थानों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही हैं.

भरोसेमंद जर्मन एजुकेशन कंसल्टेंसी-
यस जर्मनी भारत की सबसे पुरानी और भरोसेमंद जर्मन एजुकेशन कंसल्टेंसी में से एक है, जिसे 20 साल से अधिक के अनुभव, भरोसे और प्रमाणित उत्कृष्टता के आधार पर बनाया गया है. इसके फाउंडर्स खुद जर्मनी से हैं, जिससे यह संगठन जर्मन शिक्षा तंत्र में असली विशेषज्ञता और मजबूत कनेक्शन लेकर आता है. यस जर्मनी ने जर्मनी के प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ विशेष साझेदारी स्थापित की है, ताकि छात्रों को भरोसेमंद और प्राथमिकता के साथ क्वालिटी प्रोग्राम्स तक पहुंच मिल सके.

हजारों छात्रों का मार्गदर्शन किया-
भारत और दुबई में 24 कार्यालयों के साथ मजबूत उपस्थिति रखने वाली यस जर्मनी ने हजारों छात्रों का मार्गदर्शन किया है, जिसमें 99% वीज़ा सफलता दर और गारंटीड एडमिशन शामिल हैं. सर्वश्रेष्ठ जर्मन एजुकेशन कंसल्टेंसी के रूप में मान्यता प्राप्त, यह छात्रों और उनके परिवारों के लिए जर्मनी में विशेष सहायता समेत सम्पूर्ण, एंड-टू-एंड सपोर्ट प्रदान करती है और दशकों से भरोसेमंद साथी रही है.