मेडिटेशन के जरिए वैश्विक शांति की पहल, GCML 2026 का आयोजन भारत मंडपम में
3–5 अप्रैल 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित GCML 2026 में वैश्विक नेता, वैज्ञानिक और आध्यात्मिक गुरु ध्यान के माध्यम से विश्व शांति, स्वास्थ्य और नेतृत्व पर चर्चा करेंगे.
आज का वैश्विक परिदृश्य कई संघर्षों और युद्धों से प्रभावित है. चाहे अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव हो, पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच संघर्ष हो या यूक्रेन-रूस का युद्ध, दुनिया के कई हिस्सों में अशांति और तनाव का माहौल बना हुआ है. ऐसे समय में विश्व शांति और आंतरिक संतुलन का संदेश देने के उद्देश्य से ‘ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑफ मेडिटेशन लीडर्स (GCML) 2026’ का आयोजन 3 से 5 अप्रैल 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में किया जाएगा.
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल होंगे -
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, आध्यात्मिक नेताओं, वैज्ञानिकों, चिकित्सकों, शिक्षाविदों और कॉर्पोरेट जगत के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न देशों के विशेषज्ञ भाग लेंगे. इस सम्मेलन का आयोजन बुद्धा-सीईओ क्वांटम फाउंडेशन द्वारा आयुष मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है. कार्यक्रम में एस-व्यासा विश्वविद्यालय, पिरामिड मेडिटेशन चैनल (PMC) हिंदी, क्वांटम लाइफ यूनिवर्सिटी, पिरामिड वैली इंटरनेशनल, स्पिरिचुअल टैबलेट्स रिसर्च फाउंडेशन, BeSuperMind और ग्लोबल ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल ऑफ इंडिया (GTTCI) सहित कई संस्थान सहयोगी के रूप में जुड़े हैं.
मुख्य उद्देश्य-
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ध्यान को एक वैज्ञानिक और व्यावहारिक माध्यम के रूप में स्थापित करना है, ताकि इसे नीति-निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और कार्यस्थलों में शामिल कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके.
ध्यान व्यक्ति को सही निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करता-
बुद्धा-सीईओ क्वांटम फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. चंद्र पुलामरसेट्टी ने कहा कि ध्यान मन और शरीर को संतुलित करने के साथ-साथ व्यक्ति को सही निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करता है. उनके अनुसार जब नेतृत्व ध्यान के माध्यम से आंतरिक परिवर्तन अपनाता है, तो यह परिवर्तन समाज और विश्व शांति की दिशा में सकारात्मक प्रभाव डालता है.
वैश्विक शांति की शुरुआत व्यक्ति के भीतर की शांति से-
वहीं पद्मश्री डॉ. डी. आर. कार्तिकेयन, पूर्व निदेशक सीबीआई एवं सीआरपीएफ, ने कहा कि “वैश्विक शांति की शुरुआत व्यक्ति के भीतर की शांति से होती है.”
मुख्य अतिथि-
सम्मेलन में भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. इस अवसर पर एच.एच. पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती, डॉ. विनोद के. पॉल (नीति आयोग), पद्मश्री डॉ. एच. आर. नागेंद्र (एस-व्यासा विश्वविद्यालय), पद्मश्री राजेश कोटेचा (सचिव, आयुष मंत्रालय), डॉ. सुधांशु त्रिवेदी (सांसद, राज्यसभा), डॉ. सारा लाजर (हार्वर्ड मेडिकल स्कूल, अमेरिका), डॉ. रीमा दादा (एम्स), डॉ. मोहित गुप्ता, पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती, डॉ. न्यूटन कोंडावेती, श्री सौरभ बोथरा और श्री विजयभास्कर रेड्डी सहित कई प्रतिष्ठित वक्ता अपने विचार साझा करेंगे.
तीन दिवसीय सम्मेलन मशीन ध्यान के व्यावहारिक लाभों का अनुभव-
तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान ध्यान पर आधारित शोध, केस स्टडी, पैनल चर्चा, नेतृत्व और स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव तथा निर्देशित ध्यान सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनसे प्रतिभागियों को ध्यान के व्यावहारिक लाभों का अनुभव होगा.
विश्व शांति की दिशा में कार्य-
आयोजकों के अनुसार GCML 2026 का उद्देश्य दुनिया भर में ऐसे सजग और संवेदनशील नेताओं का वैश्विक नेटवर्क तैयार करना है, जो ध्यान को सार्वजनिक जीवन और नेतृत्व में शामिल कर समग्र विकास और विश्व शांति की दिशा में कार्य करें.