“मिलर्स फॉर न्यूट्रिशन” सम्मेलन में फूड फोर्टिफिकेशन को लेकर बनी बड़ी रणनीति

नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में फूड फोर्टिफिकेशन, पोषण सुरक्षा और कुपोषण से लड़ाई को लेकर सरकार, उद्योग और विशेषज्ञों ने साझा रणनीति पर चर्चा की.

“मिलर्स फॉर न्यूट्रिशन” सम्मेलन में फूड फोर्टिफिकेशन को लेकर बनी बड़ी रणनीति

भारत में कुपोषण और शरीर में जरूरी विटामिन-मिनरल्स की कमी यानी “छिपी भूख” आज भी एक बड़ी समस्या है. इसी मुद्दे से निपटने के लिए टेक्नोसर्व द्वारा चलाए जा रहे “मिलर्स फॉर न्यूट्रिशन” ने CII FACE के साथ मिलकर नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में एक बड़ा राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया. इसमें सरकार, खाद्य उद्योग, मिलर्स, पोषण विशेषज्ञ और कई बड़े संगठनों के लोग शामिल हुए.

मुख्य मकसद-

इस सम्मेलन का मुख्य मकसद था कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थ जैसे तेल, चावल और आटे में पोषक तत्व मिलाकर यानी फोर्टिफिकेशन करके ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पौष्टिक भोजन कैसे पहुंचाया जाए. कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि सिर्फ सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि उद्योग, कंपनियों और उपभोक्ताओं की साझेदारी से ही इस अभियान को बड़े स्तर पर सफल बनाया जा सकता है.

उपभोक्ता जागरूकता जरूरी-

टेक्नोसर्व के मोनोजित इंद्रा ने कहा कि भारत ने फूड फोर्टिफिकेशन के क्षेत्र में अच्छी प्रगति की है, लेकिन अब जरूरत है कि सभी हितधारक मिलकर काम करें ताकि छिपी भूख जैसी समस्या को तेजी से कम किया जा सके. वहीं, मिलर्स फॉर न्यूट्रिशन इंडिया के अभिषेक शुक्ला ने बताया कि फोर्टिफिकेशन भारत की पोषण सुरक्षा को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है और इसके लिए बाजार आधारित समाधान और उपभोक्ता जागरूकता बहुत जरूरी है.

छोटे मिलर्स को तकनीकी मदद-

सम्मेलन में इस बात पर भी चर्चा हुई कि फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों को आम लोगों तक सस्ती कीमत में कैसे पहुंचाया जाए, उपभोक्ताओं का भरोसा कैसे बढ़ाया जाए और छोटे मिलर्स को तकनीकी मदद कैसे दी जाए. विशेषज्ञों ने माना कि अब फूड फोर्टिफिकेशन को सिर्फ एक सरकारी नीति नहीं बल्कि एक बड़े उद्योग आंदोलन की तरह आगे बढ़ाने की जरूरत है.

वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया-

कार्यक्रम में FSSAI, मदर डेयरी, AWL एग्री बिजनेस, अक्षय पात्र फाउंडेशन और कई बड़ी कंपनियों व संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. सभी ने मिलकर भारत में बेहतर पोषण और स्वस्थ भविष्य के लिए सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।