भारत की समर आदतों का खुलासा: दही, आम और 9 बजे वाली आइसक्रीम ने फिर मारी एंट्री!

इंस्टामार्ट समर ट्रेंड्स 2026 रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में गर्मी आते ही दही, आम, आइसक्रीम और ठंडी ड्रिंक्स की डिमांड तेजी से बढ़ जाती है. दही सबसे ज्यादा ऑर्डर किया जाने वाला प्रोडक्ट बना, जबकि रात 9 बजे आइसक्रीम का पीक टाइम रहा. रिपोर्ट बताती है कि भारत गर्मियों में नई नहीं, बल्कि अपनी भरोसेमंद पसंद को अपनाता है.

भारत की समर आदतों का खुलासा: दही, आम और 9 बजे वाली आइसक्रीम ने फिर मारी एंट्री!

भारत में गर्मियां सिर्फ आती नहीं हैं - वे अपने साथ आदतें लेकर आती हैं. पहली तेज़ गर्मी पड़ते ही हर खाने के साथ दही, किलो के हिसाब से आम और रात 9 बजे की शांत लेकिन नियमित आइसक्रीम की इच्छा - सब कुछ अपने आप शुरू हो जाता है.

भारत गर्मी से कैसे निपटता है-

इंस्टामार्ट की समर ट्रेंड्स 2026 रिपोर्ट बताती है कि भारत गर्मी से कैसे निपटता है - सिर्फ ट्रेंड्स नहीं, बल्कि रिवाज़ क्या हैं. आराम देने वाले ठंडक के विकल्पों से लेकर रात के मीठे लम्हों तक, डेटा दिखाता है कि भारत गर्मियों में प्रयोग नहीं करता, बल्कि भरोसेमंद चीज़ों की ओर लौटता है. मार्च और अप्रैल में तापमान बढ़ते ही समर कैटेगरी के ऑर्डर्स में अचानक उछाल आया- कुछ उत्पादों में हफ्ते-दर-हफ्ते 300% तक की वृद्धि दर्ज हुई. आम, कोल्ड कॉफी, फिज़ी ड्रिंक्स और फ्रूट पॉप्सिकल्स की मांग तेजी से बढ़ी. जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, वैसे-वैसे भारत तेजी से ऑर्डर करता है. कूलिंग उपकरण जैसे पंखे और कूलर 280% तक बढ़े, जबकि सनग्लासेस में साल-दर-साल 650% की वृद्धि दर्ज हुई - जो किसी भी कैटेगरी में सबसे ज्यादा है.

भारत की “समर बास्केट्स”– गर्मी से लड़ने के अनोखे तरीके

गुंटूर: एक यूज़र ने ₹15,005 खर्च किए—एनर्जी ड्रिंक्स और रिचार्जेबल मिनी फैन से भरी टोकरी 

सेंट्रल गोवा: ₹11,672 खर्च कर नारियल पानी, कुल्फी और आम से “बीच मेन्यू” तैयार 

बेंगलुरु: ₹11,000+ का खर्च - कोल्ड कॉफी, छाछ, आम, आइसक्रीम और दही के साथ “वर्क फ्रॉम होम लेकिन हाइड्रेटेड” स्टाइल 

हैदराबाद: ₹11,000+ - आइसक्रीम, आम और ठंडे पेय पर फोकस 

कोलकाता: ₹10,600+ - नारियल पानी, दही और आइसक्रीम का संतुलित मिश्रण 

दूध का दूध, दही का दही-

दही गर्मियों का सबसे बड़ा स्टार बनकर उभरा है - यह सबसे ज्यादा ऑर्डर किया जाने वाला उत्पाद है और ठंडे पेय व आइसक्रीम के बराबर टक्कर दे रहा है. टॉप 10 में से 6 आइटम दही-आधारित हैं, जो देसी ठंडक की ओर झुकाव को दर्शाता है.

-तरबूज, खरबूजा और अन्य ताजे फल भी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं - यह बताता है कि भारत की गर्मियां अब और ज्यादा सरल, ताज़ा और रोजमर्रा की आदतों से जुड़ी हैं.

रात 9 बजे की आइसक्रीम - एक पक्का रिवाज़-

अगर एक आदत पर पूरा देश सहमत है, तो वह है - आइसक्रीम रात की चीज़ है। हर शहर में रात 9 बजे इसका पीक टाइम है. शाम 6 से 9 बजे के बीच मांग दोगुनी हो जाती है, और वीकेंड पर यह और बढ़ जाती है. दिलचस्प बात यह है कि यह अचानक लिया गया फैसला नहीं होता. ज्यादातर लोग पहले से प्लान करके फैमिली-साइज़ टब ऑर्डर करते हैं.

चॉकलेट अब भी नंबर 1-

हर 4 में से 1 ऑर्डर चॉकलेट फ्लेवर का है - वनीला, बटरस्कॉच और यहां तक कि आम को भी पीछे छोड़ते हुए.

छोटे शहर, बड़ा प्यार - आइसक्रीम के असली दीवाने

बेंगलुरु, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई और पुणे आइसक्रीम खपत में आगे हैं. लेकिन सेंट्रल गोवा, त्रिशूर, तिरुवल्ला, नागरकोइल और मणिपाल जैसे शहर प्रति यूज़र ज्यादा ऑर्डर कर रहे हैं—यह दिखाता है कि छोटे शहर भी पीछे नहीं हैं.

आम का मौसम -‘आम पगलू’ एनर्जी

अल्फांसो सीजन की शुरुआत से पहले ही सिंधु आम सबसे ज्यादा ऑर्डर किया गया है.

बंगनपल्ली और कच्चे आम भी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं - यानी आम का क्रेज़ जल्दी शुरू हो जाता है.

उगादी और गुड़ी पड़वा जैसे त्योहार इस सीजन की शुरुआत करते हैं, जिसके बाद गर्मी की छुट्टियों तक आम रोजमर्रा का हिस्सा बन जाते हैं.

तेजी से बढ़ते शहरों में कोझिकोड, मदुरै, त्रिची, विशाखापट्टनम और नेल्लोर शामिल हैं.

बेंगलुरु आम की मांग में सबसे आगे है - हैदराबाद और चेन्नई को मिलाकर भी ज्यादा.

कोला से आगे - अब फ्लेवर का जमाना

इस गर्मी में सिर्फ फिज़ नहीं, बल्कि फ्लेवर पर जोर है.

• जीरा मसाला सोडा: 900% वृद्धि 

• कोल्ड कॉफी: लगभग 700% उछाल 

• नारियल पानी, छाछ, लस्सी और मिल्कशेक भी तेजी से बढ़े 

आइसक्रीम की तरह, पेय पदार्थों की मांग भी शाम 6–9 बजे के बीच चरम पर होती है.

शहरों की पसंद - स्थानीय स्वाद, एक जैसी आदतें

अहमदाबाद व राजकोट: छाछ, आइसक्रीम और सॉफ्ट ड्रिंक्स 

बेंगलुरु व मुंबई: फल-आधारित टोकरी 

चंडीगढ़: लस्सी प्रमुख 

चेन्नई व कोच्चि: खरबूजा और तरबूज 

• दिल्ली व लखनऊ: छाछ केंद्रित 

हैदराबाद व पुणे: फल, दही और पेय का संतुलन 

नोट: सभी आंकड़े 1 मार्च से 11 अप्रैल 2026 के बीच किए गए ऑर्डर्स के विश्लेषण पर आधारित हैं.