स्वच्छ ऊर्जा की ओर बड़ा कदम: 4.40 लाख नए PNG कनेक्शन जारी

भारत सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) के विस्तार को तेज कर दिया है. मार्च 2026 के बाद 4.40 लाख नए कनेक्शन जारी किए गए हैं, जबकि लाखों लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. ‘National PNG Campaign 2.0’ के विस्तार के साथ देश तेजी से गैस-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है.

स्वच्छ ऊर्जा की ओर बड़ा कदम: 4.40 लाख नए PNG कनेक्शन जारी

भारत सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा तक पहुँच को मज़बूत करने और पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से, एक समन्वित नीतिगत ढाँचे के तहत पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) के विस्तार में तेज़ी लाने का काम शुरू किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने यह जानकारी दी है.

नीतिगत विस्तार के चलते पीएनजी के अडॉप्शन में ज़बरदस्त तेज़ी-

तेज़ी से हो रहे इस विस्तार के तहत, मार्च 2026 के बाद से लगभग 4.40 लाख पीएनजी कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं, जबकि 4.88 लाख अतिरिक्त उपभोक्ताओं ने नए पीएनजी कनेक्शन के लिए रजिस्टर किया है. इन आँकड़ों से साफ है कि नीतिगत विस्तार के चलते पीएनजी के अडॉप्शन में ज़बरदस्त तेज़ी आई है.

प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश-

सरकार की पीएनजी विस्तार रणनीति के तहत ये प्रयास किए जा रहे हैं. इसमें ’प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026’ की अधिसूचना भी शामिल है, जो तय समय-सीमा के भीतर ’शहरी गैस वितरण’ इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास और अधिकृत भौगोलिक क्षेत्रों में इसके कार्यान्वयन को संभव बनाती है. घरों तक पीएनजी की पहुँच को और अधिक तेज़ी से बढ़ाने के लिए, सरकार ने ’राष्ट्रीय पीएनजी अभियान 2.0’ को 30 जून 2026 तक आगे बढ़ा दिया है. इस अभियान के द्वारा जल्द से जल्द कनेक्शन देने, माँग बढ़ाने, और केंद्रीय एजेंसियों, सीजीडी संस्थाओं एवं राज्य प्रशासनों के बीच आपसी तालमेल के साथ कार्यान्वयन पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है.

कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरी बुनियादी ढाँचा बनाना-

पीएनजी विस्तार के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा दी जाने वाली बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है. इसमें जल्द अनुमोदन देना, स्थानीय स्तर पर तालमेल बनाना और लास्ट-माईल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरी बुनियादी ढाँचा बनाना शामिल है साथ ही, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी गई है कि वे पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी जैसी आवश्यक कोमोडिटीज़ की आपूर्ति पर निगरानी रखें, ताकि बदलाव के इस दौर में एनर्जी की पहुंच के लिए संतुलित ढाँचा सुनिश्चित किया जा सके.

इनका उद्देश्य-

ये सभी उपाय पीएनजी इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए व्यवस्थित और नीतिगत दृष्टिकोण को दर्शाते हैं. इनका उद्देश्य स्वच्छ ईंधन तक पहुँच बढ़ाना, शहरी ऊर्जा वितरण व्यवस्था में सुधार लाना, और गैस-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर भारत के बदलाव को मज़बूत बनाना है.