भारथक्लाउड ने पेश किया 'बादल', बदल जाएगी Cloud Technology की तस्वीर!
भारथक्लाउड ने अपना पहला ब्रांड मैस्कॉट 'बादल' लॉन्च किया। जानिए कैसे यह भारत के सॉवरेन AI क्लाउड विज़न को मजबूत करेगा और AI व क्लाउड तकनीक को आम लोगों के लिए आसान बनाएगा।
क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी तकनीक लोगों को अक्सर मुश्किल और तकनीकी लगती है। इसी सोच को बदलने के लिए भारत के सॉवरेन AI क्लाउड सेवा प्रदाता भारथक्लाउड ने अपना पहला ब्रांड मैस्कॉट 'बादल' लॉन्च किया है। कंपनी का कहना है कि 'बादल' लोगों और क्लाउड टेक्नोलॉजी के बीच की दूरी कम करेगा और AI को आसान भाषा में समझाने में मदद करेगा।
सॉवरेन AI क्लाउड विज़न का प्रतीक-
भारथक्लाउड के मुताबिक, 'बादल' सिर्फ एक कार्टून कैरेक्टर नहीं, बल्कि भरोसे, सुरक्षा, मेड इन इंडिया और भारत के सॉवरेन AI क्लाउड विज़न का प्रतीक है। इसका मकसद क्लाउड टेक्नोलॉजी को व्यवसायों, स्टार्टअप्स, सरकारी संस्थानों और आम उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक सरल और सुलभ बनाना है।

तकनीक को एक मानवीय पहचान-
कंपनी के सह-संस्थापक राहुल तक्कल्लापल्ली ने कहा कि क्लाउड टेक्नोलॉजी लोगों को डराने वाली नहीं, बल्कि आसान और सभी के लिए उपयोगी होनी चाहिए। 'बादल' के जरिए कंपनी तकनीक को एक मानवीय पहचान दे रही है, ताकि लोग AI और क्लाउड को बेहतर तरीके से समझ सकें।
वैश्विक स्तर पर और मजबूत-
वहीं, कंपनी की सह-संस्थापक और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी पद्मा रेड्डी सामा ने कहा कि 'बादल' के जरिए कंपनी अपने ग्राहकों के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी मजबूत करना चाहती है। साथ ही यह भारत के सॉवरेन AI क्लाउड की पहचान को वैश्विक स्तर पर और मजबूत करेगा।
जागरूकता अभियानों में कंपनी का चेहरा-
अब 'बादल' सोशल मीडिया कैंपेन, स्कूल-कॉलेज कार्यक्रमों, इंडस्ट्री इवेंट्स, ग्राहक ऑनबोर्डिंग और जागरूकता अभियानों में कंपनी का चेहरा बनेगा। इसके जरिए लोगों को क्लाउड टेक्नोलॉजी और AI के बारे में आसान तरीके से जानकारी दी जाएगी।

डिजिटल जिंदगी का अहम हिस्सा-
कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में क्लाउड टेक्नोलॉजी सिर्फ बड़े कारोबारों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हर व्यक्ति की डिजिटल जिंदगी का अहम हिस्सा बनेगी। ऐसे में 'बादल' लोगों को इस नई तकनीक से जोड़ने और भारत के डिजिटल भविष्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।