संसद भवन में रामलीला समितियों की बैठक, DDA से मुफ्त ग्राउंड और फ्री बिजली की मांग

संसद भवन में ओम बिरला की मौजूदगी में रामलीला समितियों की बैठक हुई. दिल्ली के श्री रामलीला महासंघ ने DDA से मुफ्त ग्राउंड और मुफ्त बिजली की मांग उठाई. रामलीला के संरक्षण और प्रचार पर भी चर्चा हुई.

संसद भवन में रामलीला समितियों की बैठक, DDA से मुफ्त ग्राउंड और फ्री बिजली की मांग

संसद भवन में देशभर की रामलीला समितियों के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई. इस बैठक की पहल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की. बैठक में दिल्ली की रामलीलाओं का प्रतिनिधित्व श्री रामलीला महासंघ ने किया. महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार और महामंत्री सुभाष गोयल ने दिल्ली में रामलीला आयोजनों से जुड़े अहम मुद्दे लोकसभा अध्यक्ष के सामने रखे. चांदनी चौक के सांसद प्रवीन खंडेलवाल भी इस दौरान मौजूद रहे.

सांस्कृतिक परंपरा को और मजबूती-

बैठक में अर्जुन कुमार ने कहा कि दिल्ली में रामलीलाओं की परंपरा सदियों पुरानी है और कई सरकारी एजेंसियां रामलीला समितियों को निशुल्क मैदान उपलब्ध कराती हैं. उन्होंने मांग की कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) भी अपने मैदान रामलीला आयोजनों के लिए मुफ्त उपलब्ध कराए. साथ ही सभी रामलीला समितियों को मुफ्त बिजली देने की व्यवस्था भी की जाए, ताकि आयोजकों पर आर्थिक बोझ कम हो और सांस्कृतिक परंपरा को और मजबूती मिल सके.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का सम्मान-

बैठक के दौरान श्री रामलीला महासंघ की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का सम्मान किया गया. अर्जुन कुमार और सुभाष गोयल ने उन्हें भगवान श्रीराम की गदा और रामायण की प्रति भेंट की. इसके बाद सभी प्रतिनिधियों को संसद भवन का भ्रमण कराया गया और लोकसभा तथा राज्यसभा का अवलोकन भी कराया गया.

सांस्कृतिक पहचान और सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीक-

अपने संबोधन में ओम बिरला ने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीक है. उन्होंने कहा कि रामलीला ने सदियों से लोगों को मर्यादा, त्याग, सेवा, कर्तव्य और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया है. इस गौरवशाली परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी को बढ़ावा देना जरूरी है.

भारत की सांस्कृतिक आत्मा-

सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि रामलीला भारत की सांस्कृतिक आत्मा है. उन्होंने कहा कि संसद भवन में रामलीला समितियों को आमंत्रित कर संवाद करना भारतीय संस्कृति और विरासत के संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल है.

प्रतिनिधियों के महत्वपूर्ण सुझाव-

बैठक में देशभर से आए प्रतिनिधियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और रामलीला के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए. सभी ने इस बात पर जोर दिया कि भगवान श्रीराम के आदर्श और भारतीय संस्कृति की यह अमूल्य धरोहर आने वाली पीढ़ियों तक और अधिक मजबूती से पहुंचनी चाहिए.