"2 साल में ओडिशा ने मारी विकास की ऐसी छलांग, निवेश और रोजगार में बने नए रिकॉर्ड"

मोहन चरण माझी सरकार के दो वर्षों में ओडिशा ने महिला सशक्तिकरण, कृषि, आवास और बुनियादी ढांचे के विकास के साथ रिकॉर्ड निवेश आकर्षित किया है. सुभद्रा योजना, बड़े औद्योगिक निवेश और सेमीकंडक्टर परियोजनाओं ने राज्य को तेजी से उभरते विकास और रोजगार केंद्र के रूप में स्थापित किया है.

"2 साल में ओडिशा ने मारी विकास की ऐसी छलांग, निवेश और रोजगार में बने नए रिकॉर्ड"

ओडिशा में जून 2024 में जब मोहन चरण माझी के नेतृत्व में नई सरकार बनी, तब लोगों की उम्मीदें काफी बड़ी थीं. जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया था और चाहती थी कि राज्य में विकास की रफ्तार तेज हो, रोजगार के अवसर बढ़ें और आम लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। दो साल बाद तस्वीर काफी हद तक बदलती हुई नजर आ रही है.

बड़े निवेश को आकर्षित करने पर विशेष ध्यान-

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में सरकार ने महिला सशक्तिकरण, किसानों की आय बढ़ाने, गरीब परिवारों के कल्याण और बड़े निवेश को आकर्षित करने पर विशेष ध्यान दिया है. यही वजह है कि आज ओडिशा देश के तेजी से विकसित होते राज्यों में गिना जाने लगा है.

चर्चित सुभद्रा योजना का लाभ-

सरकार की सबसे चर्चित योजना सुभद्रा योजना रही है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है. इसके तहत पात्र महिलाओं को पांच वर्षों में 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है. इस योजना का लाभ बड़ी संख्या में महिलाओं तक पहुंचा है, जिससे उनके आत्मविश्वास और आर्थिक भागीदारी में बढ़ोतरी हुई है. ग्रामीण इलाकों में भी इसका सकारात्मक असर देखने को मिला है.

कृषि क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम-

कृषि क्षेत्र में भी सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. किसानों को बेहतर सुविधाएं देने, सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए नई योजनाएं लागू की गई हैं. ग्रामीण सड़कों और संपर्क मार्गों के विकास से गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है, जिससे लोगों को आवागमन और व्यापार में सुविधा मिल रही है.

कई योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया-

गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए भी सरकार ने कई योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया है. प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ-साथ अंत्योदय गृह योजना के जरिए ऐसे परिवारों को भी घर उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है, जो पहले किसी कारणवश सरकारी आवास योजनाओं का लाभ नहीं ले पाए थे.

सरकार का लक्ष्य-

स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी बदलाव देखने को मिल रहा है. नए अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं ताकि युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर मिल सकें. सरकार का लक्ष्य केवल बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना भी है.

करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव-

हालांकि, पिछले दो वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि राज्य में रिकॉर्ड निवेश को माना जा रहा है. उत्कर्ष ओडिशा–मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव के दौरान राज्य को 16.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले. इन निवेशों से लाखों रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं.

औद्योगिक गतिविधियां और युवाओं को रोजगार-

देश के कई बड़े औद्योगिक समूहों ने भी ओडिशा में निवेश की घोषणा की है. अडानी समूह, जेएसडब्ल्यू और अन्य प्रमुख कंपनियां ऊर्जा, इस्पात, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास से जुड़े क्षेत्रों में बड़े प्रोजेक्ट स्थापित करने की तैयारी कर रही हैं. इससे राज्य में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा.

उच्च कौशल वाले रोजगार-

तकनीक और आधुनिक उद्योगों के क्षेत्र में भी ओडिशा तेजी से आगे बढ़ रहा है. सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं के आने से राज्य को भविष्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान मिलने की उम्मीद है. यह क्षेत्र न केवल निवेश लाएगा, बल्कि उच्च कौशल वाले रोजगार भी पैदा करेगा.

जिलों का दौरा करके विकास कार्यों की प्रगति-

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी लगातार योजनाओं की निगरानी और समीक्षा कर रहे हैं. जिलों का दौरा कर वे विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था अधिक जवाबदेह और परिणामोन्मुखी बन रही है.

अपनी मजबूत पहचान बना सकता-

दो वर्षों का समय किसी भी सरकार के प्रदर्शन को परखने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. अब तक के कार्यकाल में माझी सरकार ने यह संकेत दिया है कि ओडिशा केवल प्राकृतिक संसाधनों के लिए ही नहीं, बल्कि निवेश, उद्योग, तकनीक और समावेशी विकास के लिए भी जाना जा सकता है. अगर यही गति बनी रही तो आने वाले वर्षों में ओडिशा देश के प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।