डायबिटीज़ पर जोधपुर में होगा दुनिया के विशेषज्ञों का महाकुंभ, 30 जुलाई से शुरू होगा इंटरनेशनल समिट
30 जुलाई से 1 अगस्त 2026 तक जोधपुर में इंटरनेशनल टाइप 1 डायबिटीज़ समिट आयोजित होगा। भारत और विदेशों के विशेषज्ञ इलाज, तकनीक और स्वास्थ्य नीति पर चर्चा करेंगे।
भारत में टाइप 1 डायबिटीज़ की देखभाल को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। नई दिल्ली के कंस्टीटूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इंटरनेशनल टाइप 1 डायबिटीज़ समिट 2026 का आधिकारिक ऐलान किया गया।
समिट का आयोजन जोधपुर में-
इस समिट का आयोजन 30 जुलाई से 1 अगस्त 2026 तक जोधपुर में किया जाएगा। इसे द फ्रेंड्स ऑफ मेवाड़, ब्रेकथ्रू T1D और विलियम जे. क्लिंटन फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
तीन दिवसीय सम्मेलन-
इस तीन दिवसीय सम्मेलन में भारत, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, डॉक्टर, शोधकर्ता, नीति-निर्माता, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और रोगी अधिकार कार्यकर्ता शामिल होंगे। सभी का मकसद टाइप 1 डायबिटीज़ से जुड़े इलाज, तकनीक और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर चर्चा करना है।
बच्चों में टाइप 1 डायबिटीज़ को मिली नई पहचान-
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब भारत की राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति में बच्चों में होने वाली टाइप 1 डायबिटीज़ को औपचारिक रूप से मान्यता दी गई है। माना जा रहा है कि इससे बीमारी की जल्द पहचान, सस्ता इलाज और मरीजों की लंबी अवधि तक बेहतर देखभाल के लिए नई नीतियों को बढ़ावा मिलेगा।
पद्मजा कुमारी परमार ने क्या कहा?
द फ्रेंड्स ऑफ मेवाड़ की संस्थापक और ब्रेकथ्रू T1D की ग्लोबल एम्बेसडर पद्मजा कुमारी परमार ने कहा कि यह सम्मेलन सिर्फ जागरूकता फैलाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था में वास्तविक बदलाव लाने का प्रयास होगा।

उन्होंने कहा कि हर टाइप 1 डायबिटीज़ से जूझ रहे बच्चे और उसके परिवार को बेहतर इलाज और सहयोग मिलना चाहिए। अब समय है कि जागरूकता को ठोस कदमों और बेहतर नीतियों में बदला जाए।
एक महत्वपूर्ण पहल-
पद्मजा कुमारी परमार बचपन से ही टाइप 1 डायबिटीज़ के साथ जीवन जी रही हैं। पिछले चार दशकों से वह इस बीमारी को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाने, मरीजों को सशक्त बनाने और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मांग को लेकर लगातार काम कर रही हैं। उनकी संस्था द फ्रेंड्स ऑफ मेवाड़ महिला सशक्तिकरण, सामुदायिक स्वास्थ्य और डायबिटीज़ जागरूकता से जुड़े कई अभियान चला रही है।
किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
सम्मेलन में कई अहम विषयों पर मंथन होगा, जिनमें शामिल हैं—
1. टाइप 1 डायबिटीज़ की जल्द पहचान
2. सभी मरीजों तक इंसुलिन की आसान और समान पहुंच
3. कंटीन्यूअस ग्लूकोज़ मॉनिटरिंग (CGM) जैसी नई तकनीक
4. मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग
5. डिजिटल हेल्थ और नई तकनीक
6. मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं
बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियां-
इन चर्चाओं के आधार पर ऐसी सिफारिशें तैयार की जाएंगी जिन्हें सरकार, स्वास्थ्य संस्थान और अन्य संगठनों के साथ साझा किया जाएगा ताकि भारत में टाइप 1 डायबिटीज़ की देखभाल को और मजबूत बनाया जा सके।
2027 के सम्मेलन की भी होगी घोषणा-
आयोजकों ने बताया कि जोधपुर में होने वाले इस सम्मेलन के समापन सत्र में इंटरनेशनल टाइप 1 डायबिटीज़ समिट 2027 की मेज़बान नगरी और आयोजन तिथियों का भी ऐलान किया जाएगा।
एक महत्वपूर्ण पहल-
यह सम्मेलन भारत में टाइप 1 डायबिटीज़ से जुड़े इलाज, शोध और स्वास्थ्य नीति को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।