UFSEC 2026: ग्रेटर नोएडा में 10-11 जुलाई को होगी फायर, इंडस्ट्रियल सेफ्टी और डिजास्टर मैनेजमेंट की सबसे बड़ी प्रदर्शनी
UFSEC 2026 का आयोजन 10-11 जुलाई 2026 को ग्रेटर नोएडा में होगा। PHDCCI और SAMA की इस प्रदर्शनी में 100 से अधिक प्रदर्शक फायर सेफ्टी, इंडस्ट्रियल सेफ्टी, डिजास्टर मैनेजमेंट और AI आधारित सुरक्षा समाधान पेश करेंगे। आम जनता के लिए प्रवेश निःशुल्क रहेगा।
अगर आप फायर सेफ्टी, इंडस्ट्रियल सेफ्टी और डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़ी नई तकनीकों के बारे में जानना चाहते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। PHD चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) ने सेफ्टी अप्लायंसेज़ मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (SAMA) के साथ मिलकर UFSEC 2026 के कर्टेन रेज़र कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान आने वाली दो दिवसीय प्रदर्शनी और कॉन्फ्रेंस की जानकारी साझा की गई।
10 और 11 जुलाई को होगा मुख्य आयोजन-
UFSEC 2026 का आयोजन 10 और 11 जुलाई 2026 को इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, नॉलेज पार्क-2, ग्रेटर नोएडा के हॉल नंबर-1 में सुबह 10 बजे से होगा। खास बात यह है कि प्रदर्शनी में आम लोगों की एंट्री बिल्कुल मुफ्त रहेगी।
100 से ज्यादा कंपनियां दिखाएंगी नई तकनीक-
आयोजकों के मुताबिक इस बार 100 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा लेंगे। यहां फायर सेफ्टी, इंडस्ट्रियल सेफ्टी और डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़े आधुनिक उपकरण, एआई आधारित तकनीक और नए सुरक्षा समाधान प्रदर्शित किए जाएंगे।
लोगों में सही समय पर जागरूकता और प्रशिक्षण हो-
कर्टेन रेज़र कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और देश के अन्य राज्यों में हाल ही में हुई आग की घटनाओं का जिक्र किया। उनका कहना था कि अगर लोगों में सही समय पर जागरूकता और प्रशिक्षण हो तो आग जैसी घटनाओं में जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने पर जोर-
PHDCCI के उत्तर प्रदेश स्टेट चैप्टर के को-चेयरमैन हेमंत सपरा ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य सरकार, उद्योग जगत और सुरक्षा विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर भारत के सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और बेहतर संवाद के जरिए सुरक्षित कार्यस्थल और बेहतर आपदा तैयारी सुनिश्चित की जा सकती है।
नई तकनीकों और सही सुरक्षा उपायों को अपनाएं-
वहीं, SAMA के वाइस प्रेसिडेंट विक्की गुप्ता ने कहा कि सुरक्षा की शुरुआत जागरूकता से होती है। अगर लोग नई तकनीकों और सही सुरक्षा उपायों को अपनाएं तो दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

एआई और नई टेक्नोलॉजी पर रहेगा फोकस-
डीएसएस के सलाहकार और गेल के पूर्व कार्यकारी निदेशक डॉ. एस.पी. गर्ग ने कहा कि अब औद्योगिक सुरक्षा के क्षेत्र में एआई, ड्रोन और आधुनिक सुरक्षा मानकों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। भविष्य में टेक्नोलॉजी और बेहतर नीतियों के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है।
विशेषज्ञ करेंगे अहम विषयों पर चर्चा-
कॉन्फ्रेंस के दौरान फायर सेफ्टी, इंडस्ट्रियल सेफ्टी, ऑक्यूपेशनल हेल्थ एंड सेफ्टी, डिजास्टर रिस्पॉन्स, जोखिम कम करने की रणनीतियों और नई तकनीकों पर विशेषज्ञों की पैनल चर्चा और तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे।
कई विभागो का सहयोग-
इस आयोजन को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), उत्तर प्रदेश श्रम विभाग, उत्तर प्रदेश फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, इन्वेस्ट यूपी और उत्तर प्रदेश उद्योग विभाग का सहयोग प्राप्त है।
एक महत्वपूर्ण पहल-
यह आयोजन सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने, नई तकनीकों को बढ़ावा देने और देश में सुरक्षित कार्यस्थलों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।