क्या कपालभाति से बढ़ सकती है चेहरे की प्राकृतिक चमक? जानिए फायदे
क्या कपालभाति से चेहरे की प्राकृतिक चमक बढ़ सकती है? जानिए कपालभाति के फायदे, सही तरीका, सावधानियां और रोज़ 7 मिनट के इस योग अभ्यास से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ.
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव, खराब खानपान और पर्याप्त नींद न मिलने का असर सबसे पहले हमारे चेहरे पर दिखाई देता है. चेहरा थका हुआ, बेजान और सूजा हुआ लगने लगता है. ऐसे में लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट्स का सहारा लेते हैं. लेकिन योग में एक ऐसी सरल और प्राचीन क्रिया है, जो बिना किसी खर्च के आपके स्वास्थ्य और त्वचा दोनों के लिए लाभदायक हो सकती है। इस क्रिया का नाम है कपालभाति.
योग की महत्वपूर्ण शुद्धि क्रिया-
कपालभाति को योग की महत्वपूर्ण शुद्धि क्रियाओं में गिना जाता है. "कपाल" का अर्थ है माथा या सिर और "भाति" का अर्थ है चमक. यानी यह ऐसी क्रिया है जो शरीर में ऊर्जा बढ़ाने के साथ चेहरे पर प्राकृतिक आभा लाने में मदद करती है.
कपालभाति कैसे की जाती है?
कपालभाति में नाक से तेजी से सांस बाहर छोड़ी जाती है, जबकि सांस अंदर अपने आप चली जाती है. इस दौरान पेट अंदर की ओर जाता है और शरीर की श्वसन प्रक्रिया सक्रिय होती है. यह अभ्यास फेफड़ों को मजबूत बनाने, शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह को बेहतर करने और मानसिक तनाव को कम करने में सहायक माना जाता है.
चेहरे की चमक से क्या है इसका संबंध?
मीना अग्रवाल (नेचुरोपैथी विशेषज्ञ) कहती हैं, “जब हम कपालभाति करते हैं, तो शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है. बेहतर रक्त प्रवाह का मतलब है कि चेहरे की त्वचा तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचते हैं. इससे त्वचा अधिक ताजा और स्वस्थ दिखाई दे सकती है.
कई लोगों को नियमित अभ्यास के बाद चेहरे की सूजन कम होने, त्वचा में निखार आने और चेहरे पर ताजगी महसूस होने का अनुभव होता है. हालांकि इसके परिणाम व्यक्ति-व्यक्ति पर अलग हो सकते हैं.
शरीर को मिलते हैं कई अन्य लाभ-
1. कपालभाति केवल चेहरे के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर के लिए फायदेमंद मानी जाती है.
2. फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर करने में मदद कर सकती है.
3. शरीर में ऊर्जा और स्फूर्ति बढ़ा सकती है.
4. तनाव और चिंता को कम करने में सहायक हो सकती है.
5. पाचन तंत्र को सक्रिय करने में मदद कर सकती है.
6.शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने में योगदान दे सकती है.
7.नियमित अभ्यास से एकाग्रता और मानसिक स्पष्टता में सुधार हो सकता है.
रोज़ 7 मिनट का आसान अभ्यास-
पहला चरण – एक्टिवेशन (2 मिनट)
आरामदायक स्थिति में बैठें. नाक से तेज गति से सांस बाहर निकालें और सांस को स्वाभाविक रूप से अंदर आने दें.
दूसरा चरण – नियंत्रित श्वास (2 मिनट)
4 सेकंड तक सांस लें, 4 सेकंड रोकें और 6 सेकंड में धीरे-धीरे सांस छोड़ें. इससे शरीर और मन को शांति मिलती है.
तीसरा चरण – कपालभाति (3 मिनट)
अपनी क्षमता के अनुसार फिर से कपालभाति करें. शुरुआत में धीरे-धीरे अभ्यास करें और समय के साथ गति बढ़ाएं.
अभ्यास करते समय रखें ये सावधानियां-
1. हमेशा खाली पेट या भोजन के 3 से 4 घंटे बाद अभ्यास करें.
2. उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, हर्निया या गर्भावस्था की स्थिति में विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें.
3. यदि चक्कर आए, सिर भारी लगे या असहज महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं.
4. शुरुआत में प्रशिक्षित योग शिक्षक के मार्गदर्शन में अभ्यास करना बेहतर रहता है.
स्वस्थ जीवन की ओर एक कदम-
कपालभाति एक सरल लेकिन प्रभावशाली योगिक क्रिया है. यह शरीर को ऊर्जावान बनाने, श्वसन तंत्र को मजबूत करने और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है. नियमित अभ्यास से चेहरे पर ताजगी और प्राकृतिक चमक भी दिखाई दे सकती है. हालांकि इसे किसी चमत्कारी उपचार की तरह नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली के एक हिस्से के रूप में अपनाना चाहिए. यदि आप प्रतिदिन केवल 7 मिनट का समय अपने स्वास्थ्य को देते हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव आपके शरीर, मन और चेहरे पर दिखाई दे सकता है.