81 साल के बुजुर्ग का कमाल: Fortis Memorial Research Institute में दोनों कूल्हों का एक साथ सफल ट्रांसप्लांट

Fortis Memorial Research Institute में 81 वर्षीय मरीज के दोनों कूल्हों का एक साथ सफल ऑपरेशन हुआ. Avascular Necrosis से पीड़ित मरीज रोबोटिक सर्जरी के बाद अगले ही दिन चलने लगे. यह एडवांस ऑर्थोपेडिक केयर की बड़ी सफलता.

81 साल के बुजुर्ग का कमाल: Fortis Memorial Research Institute में दोनों कूल्हों का एक साथ सफल ट्रांसप्लांट

Fortis Memorial Research Institute में एडवांस ऑर्थोपेडिक इलाज की एक शानदार मिसाल सामने आई है. यहां 81 साल के एक बुजुर्ग मरीज के दोनों कूल्हों (हिप) का एक साथ सफल ऑपरेशन किया गया, जो काफी दुर्लभ और जटिल माना जाता है.

रोबोटिक तकनीक की मदद से एक साथ दोनों कूल्हों का ऑपरेशन-

मरीज को Avascular Necrosis (एवीएन) नाम की बीमारी थी, जिसमें कूल्हों तक सही तरीके से खून नहीं पहुंचता और जोड़ों को नुकसान होने लगता है. इस वजह से वे पिछले 4 साल से बिस्तर पर ही थे और चलने-फिरने के लिए दूसरों पर निर्भर थे. अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों की टीम ने रोबोटिक तकनीक की मदद से एक साथ दोनों कूल्हों का ऑपरेशन करने का फैसला किया.

इनवेसिव तकनीक का इस्तेमाल-

इस सर्जरी को करीब 3 घंटे में पूरा किया गया. इसमें मिनिमली इनवेसिव (कम चीरा) तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिससे आसपास के टिश्यू को कम नुकसान पहुंचता है और रिकवरी जल्दी होती है. इस सर्जरी को Dr. Debashish Chanda और उनकी टीम ने सफलतापूर्वक किया. सबसे खास बात यह रही कि मरीज ऑपरेशन वाले दिन ही खड़े हो गए और अगले दिन चलने भी लगे, जो इस उम्र में बेहद असामान्य है.

नई तकनीक और सही मेडिकल प्लानिंग-

डॉक्टरों के अनुसार, आमतौर पर बुजुर्ग मरीजों में ऐसे ऑपरेशन अलग-अलग चरणों में किए जाते हैं, क्योंकि इसमें खून के थक्के, दिल की समस्या और इंफेक्शन का खतरा होता है. लेकिन नई तकनीक और सही मेडिकल प्लानिंग की वजह से इस केस में दोनों ऑपरेशन एक साथ सफलतापूर्वक किए गए.

सफलतापूर्वक ऑपरेशन-

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यह मामला दिखाता है कि अगर समय पर सही इलाज मिले और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल हो, तो उम्र ज्यादा होने के बावजूद भी बड़े ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा सकते हैं.