दिल्ली में एक अत्याधुनिक भक्तिमय अनुभव! इस्कॉन मंदिर ने "रस संग्रहालय" खोला, रामायण और महाभारत अब वर्चुअल रियलिटी में उपलब्ध

International Society for Krishna Consciousness ने अपनी 60वीं वर्षगांठ पर ISKCON Temple में “रस म्यूज़ियम” लॉन्च किया, जहां VR और आधुनिक तकनीक के जरिए रामायण, महाभारत और श्रीकृष्ण की लीलाओं को अनोखे तरीके से दिखाया गया

दिल्ली में एक अत्याधुनिक भक्तिमय अनुभव! इस्कॉन मंदिर ने "रस संग्रहालय" खोला, रामायण और महाभारत अब वर्चुअल रियलिटी में उपलब्ध

International Society for Krishna Consciousness (इस्कॉन), जिसे हम हरे कृष्ण आंदोलन के नाम से जानते हैं, ने अपनी 60वीं सालगिरह के मौके पर दिल्ली के ISKCON Temple में एक नया “रस म्यूज़ियम” शुरू किया है.

“रस: अमृत सागर” म्यूज़ियम-

यह म्यूज़ियम करीब 13,500 स्क्वायर फीट में बना है और इसका नाम “रस: अमृत सागर” रखा गया है. यहां आपको रामायण, महाभारत, दशावतार और भगवान कृष्ण से जुड़ी कहानियां बेहद मॉडर्न तरीके से देखने को मिलेंगी  इसमें VR (वर्चुअल रियलिटी), लाइट-साउंड इफेक्ट्स और इंटरैक्टिव टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिससे ये अनुभव और भी दिलचस्प बन जाता है.

उद्घाटन कार्यक्रम में खास मेहमान मौजूद रहें-

उद्घाटन कार्यक्रम की शुरुआत पूजा और परिक्रमा से हुई, फिर म्यूज़ियम का उद्घाटन और गाइडेड टूर कराया गया. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री Gajendra Singh Shekhawat और भारत में बेल्जियम के राजदूत Didier Vanderhasselt समेत कई खास मेहमान मौजूद रहे.

इस्कॉन का मकसद-

इस्कॉन का कहना है कि उनका मकसद भारत की पुरानी संस्कृति और आध्यात्मिक ज्ञान को आज के लोगों तक आसान और आधुनिक तरीके से पहुंचाना है वहीं मंत्री जी ने भी कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट्स भारत की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने में मदद करते हैं.

परंपरा और टेक्नोलॉजी का शानदार मिश्रण -

यह म्यूज़ियम जिस मंदिर में बना है, वहां रोज़ करीब 10,000 लोग आते हैं, और बड़े त्योहारों में यह संख्या 1 लाख से भी ज्यादा हो जाती है. खास बात यह भी है कि यहां दुनिया की सबसे बड़ी Bhagavad Gita भी रखी गई है, जिसे Narendra Modi ने 2019 में देश को समर्पित किया था. कुल मिलाकर, यह नया “रस म्यूज़ियम” परंपरा और टेक्नोलॉजी का शानदार मिश्रण है, जो खासकर युवाओं और विदेशी पर्यटकों को काफी आकर्षित करेगा.