डेटा एनालिस्ट से ब्यूटी क्वीन बनीं हर्षिता साहू, अब करेंगी मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व
23 वर्षीय हर्षिता साहू ने मिस यूनिवर्स मध्य प्रदेश 2026 का खिताब जीतकर मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 के नेशनल फिनाले में जगह बनाई. जानिए छोटे शहर से डेटा एनालिस्ट से ब्यूटी क्वीन बनने तक का उनका प्रेरणादायक सफर.
अगर हौसला बुलंद हो, तो छोटे शहर भी बड़े सपनों की उड़ान बन जाते हैं. मध्य प्रदेश के गुना जिले के छोटे से कस्बे रुठियाई की रहने वाली हर्षिता साहू ने इसे सच कर दिखाया है. महज 23 साल की उम्र में उन्होंने मिस यूनिवर्स मध्य प्रदेश 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है. अब वह मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 के नेशनल फिनाले में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी.
पढ़ाई, नौकरी और अपने सपनों के साथ आगे बढ़ी-
हर्षिता की खास बात यह है कि वह सिर्फ ब्यूटी पेजेंट की प्रतियोगी नहीं हैं, बल्कि एक इंटरनेशनल बैंक में डेटा एनालिस्ट के तौर पर भी काम करती हैं. यानी उन्होंने पढ़ाई, नौकरी और अपने सपनों को साथ लेकर आगे बढ़ने का शानदार उदाहरण पेश किया है. कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करने वाली हर्षिता का मानना है कि अगर इंसान खुद पर भरोसा रखे और लगातार मेहनत करे, तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती. यही सोच उन्हें आज इस मुकाम तक लेकर आई है.

फैमिली बैकग्राउंड-
हर्षिता के पिता प्रमोद साहू कॉन्ट्रैक्टर हैं, जबकि उनकी मां सपना साहू एक NGO से जुड़ी हैं. मां से प्रेरित होकर हर्षिता भी सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं। उनका कहना है कि सफलता तभी पूरी होती है, जब उससे समाज को भी फायदा मिले.
पेजेंट सफर की शुरुआत-
उनका पेजेंट सफर दिल्ली में हुए मिस यूनिवर्स इंडिया मध्य प्रदेश स्टेट ऑडिशन से शुरू हुआ. यहां उन्होंने कई प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल की. इस दौरान उनके प्रदर्शन को जूरी ने खूब सराहा.

हार्डवर्क से बनाई पहचान-
नेशनल फिनाले की तैयारी के लिए हर्षिता ने द टियारा पेजेंट ट्रेनिंग स्टूडियो में पेजेंट मेंटर रितिका रामत्री से प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली. उन्होंने रनवे वॉक, कम्युनिकेशन स्किल्स, कॉन्फिडेंस और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट पर खास मेहनत की.

छोटा शहर पर बड़ी उड़ान-
अपनी जीत पर हर्षिता ने कहा, "छोटे शहर से होने का मतलब यह नहीं कि आपके सपने छोटे हों. अगर आप मेहनत करें और खुद पर विश्वास रखें, तो कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है. मैं चाहती हूं कि मेरी कहानी देश की हर लड़की को अपने सपनों के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा दे."
बदलाव की नई पहचान-
आज ब्यूटी पेजेंट सिर्फ खूबसूरती की प्रतियोगिता नहीं रह गए हैं. अब शिक्षा, करियर, आत्मविश्वास और समाज के प्रति सोच भी उतनी ही अहम मानी जाती है. हर्षिता साहू इसी बदलाव की नई पहचान बनकर उभरी हैं.

कोई भी सपना नामुमकिन नहीं-
अब सभी की निगाहें मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 के नेशनल फिनाले पर हैं, जहां हर्षिता मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए देशभर की विजेताओं के साथ प्रतिष्ठित ताज के लिए मुकाबला करेंगी. उनके सफर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि छोटे शहरों से निकलने वाले बड़े सपने पूरे जरूर होते हैं.