हिंदी के प्रगतिशील प्रयोग पर आईएमयू कोलकाता की पहल को संसदीय समिति की सराहना

संसदीय राजभाषा समिति की प्रथम उपसमिति ने भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय (आईएमयू) के कोलकाता परिसर में राजभाषा नीति और सरकारी कार्यों में हिंदी के प्रयोग की समीक्षा की. समिति ने विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए हिंदी के उपयोग को और बढ़ावा देने के लिए सुझाव दिए. साथ ही, आईएमयू ने प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के प्रयोग को मजबूत करने का संकल्प दोहराया.

हिंदी के प्रगतिशील प्रयोग पर आईएमयू कोलकाता की पहल को संसदीय समिति की सराहना

संसदीय राजभाषा समिति की प्रथम उपसमिति ने हाल ही में भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय (आईएमयू) के कोलकाता परिसर का दौरा किया. इस दौरान समिति ने देखा कि विश्वविद्यालय में सरकारी कामकाज और दफ्तरों में हिंदी का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है.

सांसद और वरिष्ठ अधिकारी शामिल-

इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व समिति के उपाध्यक्ष और लोकसभा सांसद भर्तृहरि महताब तथा प्रथम उपसमिति के संयोजक और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने किया. उनके साथ सांसद सत्यपाल ब्रह्मचारी, किशोरी लाल शर्मा, विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी और समिति सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.

हिंदी के प्रयोग को और बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव-

निरीक्षण के दौरान समिति ने विश्वविद्यालय में राजभाषा नीति के पालन की समीक्षा की. सदस्यों ने सरकारी कामकाज में हिंदी के बढ़ते इस्तेमाल के लिए आईएमयू कोलकाता परिसर द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की. साथ ही उन्होंने हिंदी के प्रयोग को और बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए.

कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे-

इस मौके पर विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. मालिनी वी. शंकर, प्रति-कुलपति डॉ. राजू बालाजी, कुलसचिव के. सरवनन और आईएमयू कोलकाता परिसर के निदेशक रियर एडमिरल (सेवानिवृत्त) अमित बोस समेत कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.

रोजमर्रा के दफ्तर के काम में हिंदी का इस्तेमाल-

विश्वविद्यालय ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में सरकारी पत्राचार, प्रशासनिक कार्यों और रोजमर्रा के दफ्तर के काम में हिंदी का इस्तेमाल और बढ़ाया जाएगा. साथ ही समुद्री शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में बेहतर गुणवत्ता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई.

भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय के बारे में-

भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय (आईएमयू) का मुख्यालय चेन्नई में है। इसकी स्थापना 14 नवंबर 2008 को एक केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में की गई थी. इसका उद्देश्य देश के प्रमुख समुद्री संस्थानों को एक मंच पर लाकर विश्वस्तरीय समुद्री शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान उपलब्ध कराना है.

समुद्री प्रशिक्षण संस्थान भी देशभर में कार्यरत-

वर्तमान में विश्वविद्यालय के परिसर चेन्नई, कोच्चि, कोलकाता, मुंबई, नवी मुंबई और विशाखापत्तनम में हैं. यहां स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर के पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं. इसके अलावा विश्वविद्यालय से जुड़े 17 समुद्री प्रशिक्षण संस्थान भी देशभर में कार्यरत हैं.