Gaudium IVF ने AI आधारित IVF ट्रीटमेंट लॉन्च किया Nitin Jairam Gadkari ने किया उद्घाटन
Gaudium IVF ने AI तकनीक के साथ IVF ट्रीटमेंट की नई शुरुआत की है. SiD और ERICA जैसे एडवांस्ड सिस्टम्स से फर्टिलिटी केयर अब और सटीक और प्रभावी बन रहा है. इस पहल का उद्घाटन Nitin Jairam Gadkari ने किया
इनोवेशन और भारत के फर्टिलिटी हेल्थकेयर क्षेत्र में लीडर, Gaudium IVF ने AI (Artificial Intelligence) आधारित बांझपन उपचार की शुरुआत की है. यह कदम एक बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि है. खासकर तब जब यह कंपनी हाल ही में देश की पहली लिस्टेड आईवीएफ चेन भी बनी है.
एआई आधारित एम्ब्रायोलॉजी सिस्टम्स-
इस नए कदम के तहत एआई आधारित एम्ब्रायोलॉजी सिस्टम्स को रोज़मर्रा के इलाज में शामिल किया गया है. इसमें SiD (Sperm Identification Device) और ERICA (Embryo Ranking Intelligent Classification Assistant) जैसे अत्याधुनिक सिस्टम शामिल हैं, जो स्पर्म और एम्ब्रियो के चयन को अधिक डेटा-ड्रिवन बनाते हैं.
पहल का उद्घाटन-
इस पहल का उद्घाटन केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी ने किया. उन्होंने कहा कि देश के भविष्य को बेहतर बनाने में तकनीक और इनोवेशन की बड़ी भूमिका है.
वर्ल्डक्लास एडवांस्ड एम्बुर्योलॉजी-
यह इंटीग्रेशन IVF 2.0 के साथ साझेदारी में किया गया है, जो एक यूके-हेडक्वार्टर्ड Embryology इनोवेशन संगठन है. इसकी स्थापना प्रसिद्ध एम्ब्रायोलॉजिस्ट Dr. Jacques Cohen और Dr. Alejandro Chavez द्वारा की गई है. यह सहयोग वैश्विक स्तर की उन्नत Embryology इंटेलिजेंस को भारत के क्लिनिकल इकोसिस्टम में लाता है.
इनोवेशन में आगे बढ़ता भारत-
उद्घाटन के दौरान अपने विचार रखते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी ने कहा: “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकों को अपनाना दिखाता है कि भारत इनोवेशन में आगे बढ़ रहा है. ऐसी पहल आने वाले समय में अलग-अलग क्षेत्रों में तकनीक आधारित समाधानों को मजबूत बनाएंगी.”
फर्टिलिटी केयर अब एक नए दौर में प्रवेश कर रहा-
इस विकास पर बात करते हुए गौडियम आईवीएफ की चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर, डॉ. मणिका खन्ना ने कहा - “फर्टिलिटी केयर अब एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां सटीकता और समझ परिणाम तय करेंगे. एआई के इस्तेमाल से हम इलाज को न सिर्फ बेहतर बना पाएंगे बल्कि मरीजों को पहले से अच्छा अनुभव दे पाएंगे। IVF 2.0 के साथ हमारी साझेदारी से अब दुनिया की नई तकनीक भारत में भी उपलब्ध है.”

नए मानक स्थापित-
इस सहयोग पर गाइल्स पामर, क्लिनिकल साइंटिस्ट और डायरेक्टर, ग्लोबल कम्युनिकेशंस, IVF 2.0 ने कहा - “हमारा लक्ष्य हमेशा एम्ब्रायोलॉजी की जानकारी को बेहतर इलाज में बदलना रहा है. गौडियम आईवीएफ के साथ काम करके हम अपनी एआई तकनीक भारत जैसे तेजी से बढ़ते देश में ला रहे हैं और इससे इस क्षेत्र में नए मानक स्थापित होंगे।”
एक एआई सिस्टम-
नई तकनीकों को आईवीएफ के अहम स्टेप्स को बेहतर बनाने के लिए लाया गया है. SiD यानी स्पर्म आइडेंटिफिकेशन डिवाइस एक एआई सिस्टम है, जो इलाज के दौरान सही स्पर्म चुनने में मदद करता है. यह स्पर्म की मूवमेंट को समझकर सबसे अच्छे स्पर्म की पहचान करता है. इससे बेहतर क्वालिटी के ब्लास्टोसिस्ट बनने की संभावना बढ़ती है. इसके साथ ERICA यानी एंब्रियो रैंकिंग इंटेलिजेंट क्लासिफिकेशन असिस्टेंट भी इस्तेमाल किया जा रहा है. यह एक एआई टूल है, जो एम्ब्रायोलॉजिस्ट को एंब्रियो चुनने में मदद करता है. यह ब्लास्टोसिस्ट की तस्वीरों को देखकर उनके आकार और विकास के आधार पर डेटा के अनुसार रैंकिंग देता है. ये दोनों टूल नॉन इनवेसिव हैं। ये एम्ब्रायोलॉजिस्ट को सही फैसले लेने में मदद करते हैं और नतीजों में फर्क कम करते हैं.
मरीजों पर भावनात्मक, शारीरिक और आर्थिक दबाव भी कम होगा-
शुरुआती क्लिनिकल अनुभव बताते हैं कि इन एआई सिस्टम्स से फर्टिलाइजेशन और ब्लास्टोसिस्ट डेवलपमेंट रेट बेहतर हो सकते हैं. इससे बार-बार इलाज कराने की जरूरत कम हो सकती है. इससे मरीजों पर भावनात्मक, शारीरिक और आर्थिक दबाव भी कम होगा। साथ ही डॉक्टरों इससे और जुड़े लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा.