नई दिल्ली में शुरू हुआ IRES 2026, शिक्षा और रिसर्च साझेदारी पर जोर

नई दिल्ली में इंडो-रशियन एजुकेशन समिट 2026 का शुभारंभ हुआ. समिट में भारत और रूस के शिक्षा विशेषज्ञों ने मेडिकल, AI, रिसर्च और छात्र विनिमय जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की.

नई दिल्ली में शुरू हुआ IRES 2026, शिक्षा और रिसर्च साझेदारी पर जोर

नई दिल्ली में आज इंडो-रशियन एजुकेशन समिट 2026 (IRES 2026) का शानदार आगाज़ हुआ. इस समिट में भारत और रूस के बड़े शिक्षा विशेषज्ञ, यूनिवर्सिटी प्रतिनिधि, नीति निर्माता और सरकारी अधिकारी शामिल हुए. कार्यक्रम का आयोजन रूस एजुकेशन ने Rossotrudnichestvo, भारत में रूसी दूतावास और रशियन हाउस, नई दिल्ली के सहयोग से किया.

समिट का मुख्य उद्देश्य-

समिट का मुख्य उद्देश्य भारत और रूस के बीच शिक्षा, रिसर्च, टेक्नोलॉजी और सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूत बनाना है. कार्यक्रम में मेडिकल एजुकेशन, AI, रोबोटिक्स, एयरोस्पेस, कृषि, फूड सिक्योरिटी, स्पोर्ट्स और स्टूडेंट एक्सचेंज जैसे कई अहम विषयों पर चर्चा हुई.

भारतीय और रूसी प्रतिनिधियों ने मंच साझा किया-

इस दौरान दोनों देशों के विश्वविद्यालयों और संस्थानों के बीच नई साझेदारियों, फैकल्टी एक्सचेंज और संयुक्त रिसर्च को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया. कई बड़े भारतीय और रूसी प्रतिनिधियों ने मंच साझा किया और भविष्य में शिक्षा क्षेत्र में साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई.

शैक्षणिक रिश्तों को नई दिशा-

रूस एजुकेशन के उपाध्यक्ष एयर मार्शल (डॉ.) पवन कपूर (सेवानिवृत्त) ने कहा कि यह समिट भारत और रूस के बीच शैक्षणिक रिश्तों को नई दिशा देगा. वहीं डॉ. एलेना रेमिज़ोवा ने कहा कि यह आयोजन दोनों देशों के छात्रों और विश्वविद्यालयों के लिए नए अवसर लेकर आया है.

समिट का फर्स्ट डे-

समिट का पहला दिन सकारात्मक चर्चाओं और मजबूत शैक्षणिक सहयोग के संदेश के साथ संपन्न हुआ.