आम, आइसक्रीम और शरारतें: सितारों की मीठी गर्मियों की यादें
सोनी सब के कलाकारों ने अपनी बचपन की गर्मियों की यादें साझा कीं. कश्मीर की ठंडी वादियाँ, नानी का घर, दोस्तों के साथ शरारतें और कच्चे आम की मस्ती, जो आज भी उनके चेहरे पर मुस्कान ले आती हैं.
गर्मी का मौसम सिर्फ गर्मी नहीं होता, बल्कि मज़े, छुट्टियों और बचपन की यादों से भरा होता है। लंबे दिन, आम खाना, आइसक्रीम, दोस्तों के साथ खेलना और बिना किसी टेंशन के दिन बिताना. यही तो असली गर्मी है। इस बार सोनी सब के कुछ कलाकारों ने अपनी ऐसी ही प्यारी यादें शेयर की हैं.
कश्मीर की गर्मियाँ सबसे ज़्यादा याद आती हैं-
इक़बाल खान बताते हैं कि उन्हें कश्मीर की गर्मियाँ सबसे ज़्यादा याद आती हैं वहाँ का मौसम इतना अच्छा होता था कि गर्मी लगती ही नहीं थी। वो सुबह से शाम तक बाहर खेलते रहते थे, सेब तोड़ते थे और थककर जल्दी सो जाते थे. उनके लिए वो बचपन की सबसे खास यादें हैं.

गर्मी का मतलब सुकून-
गुलकी जोशी कहती हैं कि उनके लिए गर्मी का मतलब सुकून होता है। वो नानी के घर जाती थीं, जहाँ आराम से दिन बितते थे.कभी बातें करना, कभी किताब पढ़ना या बस साथ बैठना. उन्हें वो सिंपल और शांत दिन आज भी बहुत याद आते हैं.

गर्मी का मतलब, मस्ती और थोड़ा एडवेंचर-
मुस्कान बामने के लिए गर्मी का मतलब होता था मस्ती और थोड़ा एडवेंचर. वो रिश्तेदारों के घर जाती थीं, दोस्तों के साथ खेलती थीं और कभी-कभी पेड़ से कच्चे आम तोड़ने की शरारत भी करती थीं. ये छोटी-छोटी चीज़ें ही उनकी सबसे प्यारी यादें हैं.

दोस्तों और कज़िन्स के साथ टाइम बिताने का मौसम-
अक्षया हिंदळकर बताती हैं कि गर्मी उनके लिए दोस्तों और कज़िन्स के साथ टाइम बिताने का मौसम था. पिकनिक करना, देर रात तक बातें करना और हँसी-मज़ाक करना—ये सब उनके लिए गर्मियों को यादगार बनाते हैं.

तो बस, गर्मी का असली मज़ा इन्हीं छोटी-छोटी खुशियों में है.