जेनिफर विंगेट ने बनाया अपना पहला ज्वेलरी कलेक्शन, जानें क्या है 'नॉट जस्ट वन' की खासियत

जेनिफर विंगेट ने एक्टिंग के बाद अब ज्वेलरी डिजाइन में कदम रखा है। उन्होंने एकत्रा ज्वेल्स के 'नॉट जस्ट वन' सॉलिटेयर कलेक्शन को को-क्रिएट किया है, जिसमें डायमंड की सात शेप के जरिए महिलाओं के व्यक्तित्व की अलग-अलग खूबियों को दिखाया गया है। इस कलेक्शन को तैयार करने में जेनिफर ने डिजाइन से लेकर गहनों के लुक तक अपनी राय दी है।

जेनिफर विंगेट ने बनाया अपना पहला ज्वेलरी कलेक्शन, जानें क्या है 'नॉट जस्ट वन' की खासियत

टीवी और फिल्मों में अलग-अलग किरदार निभाकर अपनी पहचान बनाने वाली अभिनेत्री जेनिफर विंगेट अब पर्दे से बाहर एक नए क्षेत्र में कदम रख रही हैं। करीब दो दशक तक एक्टिंग करने के बाद जेनिफर ने अब ज्वेलरी डिजाइन में हाथ आजमाया है। उन्होंने एकत्रा ज्वेल्स के नए सॉलिटेयर कलेक्शन 'नॉट जस्ट वन' को को-क्रिएट किया है।

कलेक्शन की खास बात-

इस कलेक्शन की खास बात यह है कि इसमें महिलाओं को किसी एक पहचान तक सीमित करने के बजाय उनके व्यक्तित्व के अलग-अलग पहलुओं को दिखाने की कोशिश की गई है। कलेक्शन में हीरे की सात अलग-अलग आकृतियां हैं और हर आकार को एक खास गुण से जोड़ा गया है। गोल आकार के हीरे को आत्मविश्वास, मार्क्विज़ कट को साहस, हार्ट शेप को प्यार और परवाह, नाशपाती आकार को जिज्ञासा और रचनात्मकता, ओवल को स्पष्टता और जागरूकता, एमराल्ड कट को लगन और मल्टी-शेप को प्रामाणिकता का प्रतीक बताया गया है।

एक महिला में कई खूबियां-

'नॉट जस्ट वन' का आइडिया इस सोच पर आधारित है कि किसी महिला को सिर्फ एक ही पहचान या गुण से नहीं देखा जा सकता। एक ही व्यक्ति आत्मविश्वासी होने के साथ संवेदनशील, महत्वाकांक्षी होने के साथ स्नेहशील और जिज्ञासु होने के साथ व्यावहारिक भी हो सकता है। जेनिफर के मुताबिक, यही सोच इस कलेक्शन के पीछे सबसे अहम रही। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से अलग-अलग महिलाओं के किरदार निभाती आई हैं और हर किरदार में उन्हें अपने व्यक्तित्व की कोई न कोई झलक मिलती रही है। इस बार उन्हें किसी किरदार को निभाने के बजाय अपने नजरिए से कुछ बनाने का मौका मिला। जेनिफर ने कहा कि यह पहली बार है जब उनके नाम से जुड़ी किसी चीज को उन्होंने खुद बनाने की प्रक्रिया में हिस्सा लिया है और यह अनुभव उनके लिए खास रहा।

डिजाइन से लेकर पहनने तक में जेनिफर की भागीदारी-

जेनिफर सिर्फ इस कलेक्शन का चेहरा नहीं बनीं, बल्कि इसके डिजाइन प्रोसेस में भी शामिल रहीं। हीरे की आकृतियां चुनने से लेकर गहनों के आकार, हाथ पर उनके लुक और अलग-अलग पीस को एक साथ पहनने तक की चीजों पर उन्होंने अपनी राय दी। कलेक्शन में अंगूठियां, ईयररिंग्स, पेंडेंट, ब्रेसलेट, स्टड और ड्रॉप्स शामिल हैं। इन्हें अलग-अलग पहनने के साथ-साथ अलग-अलग आकारों को मिलाकर भी स्टाइल किया जा सकता है।

रोजमर्रा की जिंदगी में पहनने वाले गहने-

जेनिफर का कहना है कि वह ऐसे गहने पसंद करती हैं जिन्हें सिर्फ किसी खास मौके के लिए संभालकर न रखा जाए, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में भी पहना जा सके। उनके मुताबिक, अक्सर पहने जाने वाले गहनों के साथ समय के साथ यादें भी जुड़ जाती हैं।

हल्के डिजाइन और लैब में तैयार हीरे-

कलेक्शन में एकत्रा ज्वेल्स की खास खोखली गोल्ड स्ट्रक्चर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे गहनों को हल्का रखने की कोशिश की गई है। ब्रांड के अनुसार, 'नॉट जस्ट वन' में इस्तेमाल किए गए हीरे कंपनी के फार्म-टू-फिंगर मॉडल के तहत कंपनी के भीतर ही उगाए, काटे और तैयार किए जाते हैं। कलेक्शन में टाइप IIa हीरे भी शामिल हैं। एकत्रा के मुताबिक, इस तरह के हीरे दुनिया में पाए जाने वाले हीरों का करीब दो प्रतिशत हैं। कलेक्शन में ब्रांड की 'सृष्टि रत्न कट' तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया है, जिसका भारत में डिजाइन पेटेंट स्वीकृत है।

जेनिफर के लिए खास क्यों है यह कलेक्शन?

जेनिफर के लिए लैब में तैयार हीरों का इस्तेमाल भी इस कलेक्शन की सोच से जुड़ा हुआ है। उनका मानना है कि जिस तरह ये हीरे एक तय प्रक्रिया के तहत तैयार किए जाते हैं, उसी तरह इंसान का व्यक्तित्व भी उसके फैसलों, अनुभवों और किए गए कामों से बनता है। एकत्रा ज्वेल्स की संस्थापक पवित्रा गांधी के मुताबिक, जेनिफर सिर्फ किसी कलेक्शन का चेहरा बनना नहीं चाहती थीं। वह इसकी रचनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा बनना चाहती थीं। इसी वजह से यह सहयोग ब्रांड के लिए भी खास रहा।

एकत्रा के अनुसार, 'नॉट जस्ट वन' कलेक्शन वेबसाइट और उसके काउंटरों पर उपलब्ध है।