STPI का बड़ा कदम, इलेक्ट्रॉनिक्स स्टार्टअप्स के लिए लॉन्च हुआ ओपन चैलेंज प्रोग्राम

STPI ने Electropreneur Summit 2026 में इलेक्ट्रॉनिक्स स्टार्टअप्स के लिए Open Challenge Program लॉन्च किया। Electropreneur Park 2.0 के तहत 500 स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।

STPI का बड़ा कदम, इलेक्ट्रॉनिक्स स्टार्टअप्स के लिए लॉन्च हुआ ओपन चैलेंज प्रोग्राम

भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और डीप-टेक सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) ने आईआईआईटी-दिल्ली में STPI इलेक्ट्रोप्रेन्योर समिट 2026 का आयोजन किया। समिट में सरकार, अकादमिक जगत और इंडस्ट्री के विशेषज्ञों ने ESDM (Electronics System Design and Manufacturing) सेक्टर में इनोवेशन और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने पर चर्चा की।

मेंटरशिप और निवेश जैसी सुविधाएं-

कार्यक्रम में इलेक्ट्रोप्रेन्योर पार्क के ओपन चैलेंज प्रोग्राम को लॉन्च किया गया। इसके जरिए ESDM क्षेत्र के नए तकनीकी आइडिया और स्टार्टअप्स की पहचान कर उन्हें इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप और निवेश जैसी सुविधाएं देने पर फोकस रहेगा।

शहरों के स्टार्टअप्स को भी बेहतर सपोर्ट-

इस दौरान AIC STPINEXT INITIATIVES, उत्तर भारत के 11 स्पोक सेंटर और निवेशकों Indian Angel Network (IAN) व Solera VC के साथ MoUs का आदान-प्रदान किया गया। इससे दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ टियर-II और टियर-III शहरों के स्टार्टअप्स को भी बेहतर सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

500 स्टार्टअप्स को सपोर्ट करने का लक्ष्य-

MeitY के संयुक्त सचिव के.के. सिंह ने बताया कि Electropreneur Park 1.0 के तहत 59 स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिला, 66 पेटेंट दाखिल हुए और स्टार्टअप्स का मूल्यांकन ₹640 करोड़ से अधिक रहा। अब Electropreneur Park 2.0 के तहत 500 स्टार्टअप्स को सपोर्ट करने का लक्ष्य रखा गया है।

आगे बढ़ने का बड़ा अवसर-

STPI के महानिदेशक अरविंद कुमार ने कहा कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन पिछले दशक में ₹2 लाख करोड़ से बढ़कर ₹13 लाख करोड़ से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि अब भारत के युवाओं के लिए हार्डवेयर, प्रोडक्ट डिजाइन और ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में आगे बढ़ने का बड़ा अवसर है।

ESDM इनोवेशन को तेज करने पर भी पैनल चर्चा-

समिट में सरकार-अकादमिया-इंडस्ट्री सहयोग के जरिए ESDM इनोवेशन को तेज करने पर भी पैनल चर्चा हुई। STPI की यह पहल भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स और डीप-टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।