स्पाइनल कॉर्ड इंजरी को लेकर जागरूकता की बड़ी पहल, 500 से ज्यादा लोग जुटे; व्हीलचेयर रैली ने खींचा ध्यान
स्पाइनल कॉर्ड इंजरी से बचाव और जागरूकता के लिए आयोजित नेशनल इंजरी प्रिवेंशन वीक में 500 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। व्हीलचेयर रैली में 100 से अधिक व्हीलचेयर यूजर्स समेत 350 से ज्यादा प्रतिभागियों ने समान भागीदारी और सुरक्षित समाज का संदेश दिया।
स्पाइनल कॉर्ड इंजरी से बचाव और इससे प्रभावित लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आयोजित स्पाइनल कॉर्ड इंजरी डे 2026 और नेशनल इंजरी प्रिवेंशन वीक में 500 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान डॉक्टरों, हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स, केयरगिवर्स, छात्रों, वॉलंटियर्स और आम लोगों के साथ बड़ी संख्या में व्हीलचेयर यूजर्स भी शामिल हुए।
कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण-
कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण 5 सितंबर को हुई व्हीलचेयर रैली रही। इसमें 350 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें करीब 100 व्हीलचेयर यूजर्स और 250 अन्य प्रतिभागी शामिल थे। रैली सुबह 10:30 बजे खालसा कॉलेज से शुरू हुई और दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस स्थित सेंट स्टीफंस कॉलेज में जाकर खत्म हुई। रैली के जरिए लोगों को सड़क हादसों और दूसरी चोटों से बचाव, सभी के लिए बेहतर और सुविधाजनक माहौल बनाने और समाज में हर व्यक्ति की बराबर भागीदारी का संदेश दिया गया।

व्हीलचेयर स्पोर्ट्स से लेकर कल्चरल प्रोग्राम तक होंगे आयोजन-
इस अभियान के तहत 6 सितंबर को नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) ऑडिटोरियम में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक इनक्लूसिव हेल्थ चेक-अप कैंप लगाया जाएगा। इसमें व्हीलचेयर यूजर्स और दूसरे प्रतिभागियों की स्वास्थ्य जांच के साथ डॉक्टरों से सलाह लेने की सुविधा भी मिलेगी। इसके बाद दोपहर 2 बजे से 3:30 बजे तक व्हीलचेयर स्पोर्ट्स आयोजित होंगे। इसमें व्हीलचेयर टेबल टेनिस, बोच्चिया, व्हीलचेयर रेसिंग और व्हीलचेयर हर्डल्स जैसी प्रतियोगिताएं होंगी।
कल्चरल प्रोग्राम-
शाम 3:30 बजे से 5:30 बजे तक कल्चरल प्रोग्राम होगा। इसमें व्हीलचेयर डांस और प्रोफेशनल व्हीलचेयर स्टंट देखने को मिलेंगे। इसका मकसद व्हीलचेयर यूजर्स की प्रतिभा और हौसले को सामने लाना और यह संदेश देना है कि सही सहयोग और सुविधाओं के साथ वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया जाएगा।

22 नेशनल स्पाइन केयर सोसाइटी एक साथ आईं-
यह पूरा कार्यक्रम डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। स्पाइनल कॉर्ड इंजरी से बचाव और बेहतर इलाज को लेकर 22 नेशनल स्पाइन केयर सोसाइटी इस पहल से जुड़ी हैं। स्पाइनल कॉर्ड सोसाइटी, एसोसिएशन ऑफ स्पाइन सर्जन्स ऑफ इंडिया, स्पाइन वेलनेस एंड केयर फाउंडेशन और हाम्सा रिहैब सहित कई संस्थाएं आयोजन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वहीं, 18 अन्य सोसाइटी भी इस अभियान में सहयोग कर रही हैं।
बचाव और जागरूकता को लेकर कार्यक्रम-
श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट ने पूरे सप्ताह चलने वाले इन कार्यक्रमों और अन्य केंद्रीय आयोजनों में हेल्थकेयर सपोर्ट उपलब्ध कराने में योगदान दिया। देश के अलग-अलग हिस्सों में भी सभी 22 सोसाइटी की ओर से स्पाइनल कॉर्ड इंजरी से बचाव और जागरूकता को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
1 सितंबर से शुरू हुआ जागरूकता अभियान-
नेशनल इंजरी प्रिवेंशन वीक की शुरुआत 1 सितंबर से हुई। पहले दिन स्पाइनल कॉर्ड इंजरी से बचाव और “यस, वी कैन” जैसे विषयों पर ऑनलाइन पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिताएं कराई गईं। 2 सितंबर को श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट की स्पाइन टीम ने चोटों से बचाव को लेकर नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को जागरूक किया।
स्पाइनल कॉर्ड इंजरी पर जागरूकता वार्ता-
3 सितंबर को स्पाइनल कॉर्ड इंजरी पर जागरूकता वार्ता, इनक्लूसिव डांस और व्हीलचेयर से जुड़ी गतिविधियां आयोजित हुईं। साथ ही विशेषज्ञों ने इस बात पर चर्चा की कि स्पाइनल कॉर्ड इंजरी से प्रभावित लोगों की जिंदगी को कैसे ज्यादा खुशहाल, बेहतर और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
“द पावर ऑफ द माइंड” विषय पर वेबिनार-
वहीं, 4 सितंबर को “द पावर ऑफ द माइंड” विषय पर वेबिनार हुआ। इसमें चोट के बाद मानसिक मजबूती, मनोवैज्ञानिक सुधार और बदली हुई परिस्थितियों के साथ खुद को ढालने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
सीट बेल्ट को लेकर भी लोगों को किया जागरूक-
अभियान में रोड सेफ्टी पर भी खास जोर दिया गया। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के आंकड़ों के मुताबिक, 2021 में सीट बेल्ट नहीं लगाने के कारण हुए सड़क हादसों में 16,397 लोगों की मौत हुई थी। इनमें 8,438 ड्राइवर और 7,959 यात्री शामिल थे। आयोजकों का कहना है कि सीट बेल्ट जैसे छोटे लेकिन जरूरी सुरक्षा उपाय कई गंभीर हादसों और जान के नुकसान को रोकने में मदद कर सकते हैं।

“समय पर इलाज और सही रिहैबिलिटेशन बेहद जरूरी”-
श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के स्पाइन एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर के चीफ, स्पाइनल कॉर्ड सोसाइटी के प्रेसिडेंट, स्पाइन वेलनेस एंड केयर फाउंडेशन के चेयरमैन और नेशनल इंजरी प्रिवेंशन वीक के कोऑर्डिनेटर डॉ. हरविंदर सिंह छाबड़ा ने कहा कि जागरूकता बढ़ाकर और सुरक्षित तरीकों को अपनाकर स्पाइनल कॉर्ड की कई चोटों से बचा जा सकता है।
अभियान का उद्देश्य-
उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को चोट लगती है तो समय पर इलाज, सही रिहैबिलिटेशन और लगातार सहयोग से वह दोबारा सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ जिंदगी जी सकता है। अभियान का उद्देश्य सिर्फ चोटों से बचाव तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा माहौल तैयार करना भी है जिसमें स्पाइनल कॉर्ड इंजरी से प्रभावित लोग सम्मान के साथ खुशहाल और सार्थक जीवन जी सकें।

7 सितंबर को होगा अभियान का समापन-
एक सप्ताह तक चलने वाले इस आयोजन का समापन 7 सितंबर को इंजरी प्रिवेंशन पर होने वाले वेबिनार के साथ होगा। इसमें चोटों से बचाव, समय पर इलाज, रिहैबिलिटेशन और लगातार सामाजिक सहयोग की जरूरत पर चर्चा की जाएगी। आयोजकों के मुताबिक, इस पूरे अभियान का मकसद स्पाइनल कॉर्ड इंजरी से प्रभावित लोगों के इलाज और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है, ताकि उन्हें समाज में बराबरी और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का मौका मिल सके।