पटेल नगर में ‘नरक’ जैसे हालात! घुटनों तक पानी, घरों-दुकानों में घुस रहा सीवर

पटेल नगर के कई ब्लॉकों में करीब दो साल से जलभराव, जाम नालियों, सीवर के गंदे पानी और टूटी सड़कों की समस्या से लोग परेशान हैं। स्थानीय निवासियों ने सात दिन में समाधान की मांग की है।

पटेल नगर में ‘नरक’ जैसे हालात! घुटनों तक पानी, घरों-दुकानों में घुस रहा सीवर

नई दिल्ली के पटेल नगर इलाके में पिछले करीब दो साल से नागरिक सुविधाओं की बदहाली लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। ईस्ट पटेल नगर, पटेल नगर मार्केट और आसपास के कई ब्लॉकों में रहने वाले लोग गंदे पानी, जाम नालियों, खराब सीवर व्यवस्था और टूटी सड़कों की समस्या से जूझ रहे हैं।

सफाई की समस्या-

स्थानीय लोगों के मुताबिक, ब्लॉक 40, 42, 43, 47 और 49 समेत कई इलाकों में नालियों की ठीक से सफाई नहीं हो रही है। कई जगह सीवर लाइनें भी जाम पड़ी हैं। इसका नतीजा यह है कि सीवर का गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है और कई बार लोगों के घरों और दुकानों तक में घुस जाता है।

बारिश होते ही बढ़ जाती है परेशानी-

बारिश के दिनों में हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं। पटेल नगर मार्केट समेत कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब जाती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगह घुटनों तक पानी भर जाता है, जिससे पैदल चलना तो मुश्किल होता ही है, वाहनों के फंसने की समस्या भी सामने आती है। दुकानदारों की परेशानी भी कम नहीं है। जलभराव के दौरान सड़क का पानी दुकानों के अंदर तक पहुंचने से सामान खराब होने का खतरा बना रहता है।

टूटी सड़कों और गड्ढों से भी लोग परेशान-

इलाके की कई सड़कें लंबे समय से टूटी हुई हैं। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। लोगों का कहना है कि इन खराब सड़कों की वजह से खासकर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि गड्ढों के कारण आए दिन लोग गिरकर चोटिल भी हो रहे हैं। इसके बावजूद सड़कों की मरम्मत और जल निकासी को लेकर अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

कई बार शिकायत, फिर भी समाधान का इंतजार-

स्थानीय लोगों के मुताबिक, उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कई बार शिकायत की है और नालियों की सफाई, सीवर व्यवस्था ठीक करने तथा सड़कों की मरम्मत की मांग उठाई है। लेकिन करीब दो साल गुजरने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों की मांग है कि पूरे इलाके की नालियों और सीवर लाइनों की तत्काल सफाई, टूटी सड़कों की मरम्मत और बारिश के पानी की निकासी के लिए स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था की जाए।

सात दिन का अल्टीमेटम-

अब स्थानीय निवासियों ने समस्या के समाधान के लिए सात दिन का समय देने की बात कही है। उनका कहना है कि अगर इस दौरान कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे क्षेत्रीय विधायक और निगम पार्षद के साथ मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल कार्यालय में सामूहिक शिकायत दर्ज कराएंगे। स्थानीय लोगों ने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर वे इस समस्या को मीडिया के माध्यम से भी प्रमुखता से उठाएंगे, ताकि लंबे समय से चली आ रही परेशानी का स्थायी समाधान हो सके।

फिलहाल पटेल नगर के लोगों का सीधा सवाल यही है कि आखिर कब तक उन्हें गंदे पानी, जलभराव, जाम नालियों और टूटी सड़कों के बीच रहना पड़ेगा?