लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: 15 मौतों के बाद बड़ा खुलासा, अवैध बिल्डिंग पर चलेगा बुलडोजर

लखनऊ कोचिंग अग्निकांड में 15 लोगों की मौत हो गई. जांच में बिल्डिंग अवैध पाई गई. मालिक समेत 4 लोग गिरफ्तार हुए हैं, जबकि 6 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है. पूरे प्रदेश में फायर सेफ्टी जांच अभियान चलाया जा रहा है.

लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: 15 मौतों के बाद बड़ा खुलासा, अवैध बिल्डिंग पर चलेगा बुलडोजर

लखनऊ में हुई दर्दनाक कोचिंग अग्निकांड की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस हादसे में अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है. मंगलवार सुबह करीब 11 बजे हादसे की जांच के लिए एसआईटी (SIT) और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और पूरी बिल्डिंग का निरीक्षण किया. जांच टीम में आईपीएस अधिकारी प्रवीण कुमार और आईएएस अधिकारी अमृत अभिजात शामिल हैं.

शवों का करीब 7 घंटे तक पोस्टमॉर्टम चला-

हादसे में जान गंवाने वालों के शवों का करीब 7 घंटे तक पोस्टमॉर्टम चला, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए. पश्चिम बंगाल की रहने वाली 30 वर्षीय अनामिका का शव देखकर उनकी मां पोस्टमॉर्टम हाउस में ही बेहोश हो गईं. यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भावुक कर गया.

अवैध रूप से बनाई गई बिल्डिंग-

जांच में यह भी सामने आया है कि जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह अवैध रूप से बनाई गई थी. साल 2016 में इसे गिराने का आदेश दिया गया था, लेकिन बाद में वह आदेश रद्द कर दिया गया. लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि बिल्डिंग मालिक को नोटिस भेजकर 15 दिन में जवाब मांगा गया है. जवाब के बाद इमारत पर बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी.

गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज-

बताया जा रहा है कि यह बिल्डिंग रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट कॉलेज के मालिक वीरेंद्र शुक्ला की है. पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करते हुए वीरेंद्र शुक्ला समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, LDA के छह अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है और 14 अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तैयारी चल रही है.

पूरे प्रदेश में प्रशासन अलर्ट मोड-

इस हादसे के बाद पूरे प्रदेश में प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। 20 से ज्यादा शहरों में कोचिंग संस्थानों और होटलों की जांच की जा रही है. अब तक 33 कोचिंग सेंटर और 3 होटल सील किए जा चुके हैं, क्योंकि वहां फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं पाए गए.

सुरक्षा नियमों की अनदेखी-

यह हादसा एक बार फिर दिखाता है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है. अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी है.