दिल्ली में MSME कॉन्क्लेव: ‘वोकल फॉर लोकल’ से लेकर कारोबार बढ़ाने तक, एक्सपर्ट्स ने बताए कई रास्ते
नई दिल्ली में आयोजित दिल्ली MSME कॉन्क्लेव में ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत MSMEs को मजबूत बनाने और कारोबार बढ़ाने पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में सरकार, उद्योग और प्रोफेशनल सेक्टर के विशेषज्ञों ने वित्त, तकनीक, सरकारी योजनाओं और लागत प्रबंधन जैसे मुद्दों पर विचार साझा किए।
The Institute of Cost Accountants of India की नॉर्दर्न इंडिया रीजनल काउंसिल द्वारा “वोकल फॉर लोकल” की थीम के तहत आयोजित दिल्ली MSME कॉन्क्लेव का सफल आयोजन 26 सितंबर 2026 को स्कोप कॉम्प्लेक्स ऑडिटोरियम, नई दिल्ली में किया गया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल-
MSME मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती मर्सी एपाओ ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि MSME मंत्रालय के निदेशक श्री आर. के. भारती विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनकी मार्गदर्शक भूमिका और सहभागिता ने MSME क्षेत्र की वर्तमान जरूरतों, चुनौतियों और विकास के अवसरों पर महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत किए।
सामूहिक प्रयासों के महत्व पर प्रकाश-
MSME मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती मर्सी एपाओ ने कॉन्क्लेव के आयोजन के लिए The Institute of Cost Accountants of India की नॉर्दर्न इंडिया रीजनल काउंसिल को बधाई दी और MSME इकोसिस्टम को मजबूत करने में सामूहिक प्रयासों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत सरकार अकेले “वोकल फॉर लोकल” की पहल को आगे नहीं बढ़ा सकती और MSMEs को सहयोग देने में उद्योग संघों तथा ICMAI जैसे संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने डिजिटल उद्यम रजिस्ट्रेशन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अनौपचारिक MSME क्षेत्र को औपचारिक रूप देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला, जिससे उद्यम विभिन्न सरकारी योजनाओं और सहायता तंत्रों तक पहुंच बना सकें। उन्होंने बताया कि MSME मंत्रालय मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज और ट्रेड सहित माइक्रो, स्मॉल और मीडियम उद्यमों को कवर करता है तथा जागरूकता बढ़ाने और सरकारी सहायता तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए देशभर में व्यापक अभियान, कॉन्क्लेव और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।
प्रतिष्ठित अतिथियों, पैनलिस्टों और वक्ताओं ने भाग लिया-
कार्यक्रम में सरकार, उद्योग, सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों, वित्त, कराधान और पेशेवर क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठित अतिथियों, पैनलिस्टों और वक्ताओं ने भाग लिया। विशिष्ट प्रतिभागियों में CMA कुंदन कुमार सिन्हा, एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट एवं हेड – फाइनेंस, Balmer Lawrie & Co.; श्री बृजेश गोयल, नेशनल चेयरमैन, CTI; CMA अनुपम लाहिरी, एडिशनल डायरेक्टर जनरल, NITI Aayog; श्री बिमल जैन, GST Consultant; श्री अरुण डाबराल, Founder & CEO, VMTR; श्री मनोज कुमार सिंह, सीनियर जनरल मैनेजर, NSIC; CMA हरकेश तारा, Former Chairman, NIRC; CMA महेश चंद बंसल, सीनियर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर – फाइनेंस, NBCC India Ltd.; और श्री मनोज कपूर, Co-Founder, Taxo India शामिल रहे।
वक्ताओं में श्री सुनील कुमार, डिप्टी डायरेक्टर, MSME मंत्रालय; श्री नीरज कुमार, वाइस प्रेसिडेंट एवं नेशनल हेड, Balmer Lawrie & Co.; श्री अमीश निशेष, Academy Specialist, Idea to Impact Foundation; CMA पंकज जैन, Founder, Jain Ventures Global MSME & Realty Strategies; और CMA (Dr.) एस. के. गुप्ता, Managing Director, ICMAI RVO एवं Chief Executive Officer, ICMAI SAO शामिल रहे, जिन्होंने अपने महत्वपूर्ण दृष्टिकोण और विशेषज्ञता साझा की।
CMA मनीष कंडपाल का दूरदर्शी नेतृत्व-
“वोकल फॉर लोकल” अभियान CMA मनीष कंडपाल, चेयरमैन, नॉर्दर्न इंडिया रीजनल काउंसिल के दूरदर्शी दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने MSME कॉन्क्लेव को केवल एक स्वतंत्र कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि देशभर में MSMEs को सशक्त बनाने के निरंतर प्रयासों की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा।
एक प्रभावी मंच के रूप में तैयार-
उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में कॉन्क्लेव को विभिन्न क्षेत्रों के MSMEs को जोड़ने, उनकी चुनौतियों और आवश्यकताओं को समझने तथा लागत प्रबंधन, वित्तीय सशक्तिकरण, तकनीकी उन्नयन, अनुपालन और क्षमता निर्माण के माध्यम से उनकी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में तैयार किया गया।
MSME आंदोलन को एक नई दिशा-
“वोकल फॉर लोकल” के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाने और इस पहल के माध्यम से MSME आंदोलन को एक नई दिशा देने में CMA मनीष कंडपाल की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही।
आयोजन टीम का सामूहिक योगदान-
इस महत्वपूर्ण पहल की सफलता में CMA जीवन चंद्र, वाइस चेयरमैन एवं को-कन्वीनर; CMA हनी सिंह, सेक्रेटरी एवं ट्रेजरर तथा कॉन्क्लेव के कन्वीनर; और CMA राकेश यादव, Former Chairman एवं Regional Council Member, Northern India Regional Council के दृष्टिकोण, मार्गदर्शन और समर्पित प्रयासों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। देशभर में MSME आंदोलन को आगे बढ़ाने के उनके सामूहिक दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता ने “वोकल फॉर लोकल” के व्यापक उद्देश्य को एक प्रभावी कार्यक्रम के रूप में साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वोकल फॉर लोकल-
उनके सक्रिय सहयोग, समर्पण, मार्गदर्शन और निरंतर समन्वय के साथ-साथ संस्थान के सदस्यों के सहयोग ने कार्यक्रम की योजना, अतिथियों और वक्ताओं के साथ समन्वय, आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं और सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके सामूहिक प्रयासों ने “वोकल फॉर लोकल” के संदेश को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने और MSME क्षेत्र को एक सार्थक दिशा देने में योगदान दिया।
पुनर्गठन के व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा-
कॉन्क्लेव में उद्घाटन सत्र, एक पैनल चर्चा और दो तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। तकनीकी विचार-विमर्श में लागत अनुकूलन, सरकारी योजनाओं एवं सहायता, वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता, वैधानिक अनुपालन, तकनीक को अपनाने तथा व्यवसाय विस्तार और पुनर्गठन के व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की गई।
महत्वपूर्ण पेशेवर सहयोग प्रदान-
वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि Cost and Management Accountants लागत नियंत्रण, संसाधनों के बेहतर उपयोग, वित्तीय निर्णय लेने, वित्तीय संरचनाओं को मजबूत करने और दीर्घकालिक व्यावसायिक रणनीतियां विकसित करने में MSMEs को महत्वपूर्ण पेशेवर सहयोग प्रदान कर सकते हैं।
MSME आंदोलन को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श-
“वोकल फॉर लोकल” का संदेश केवल स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा देने तक सीमित नहीं है; इसका उद्देश्य स्थानीय उद्यमों को सक्षम, प्रतिस्पर्धी, नवोन्मेषी और टिकाऊ बनाना भी है। कॉन्क्लेव में इसी व्यापक दृष्टिकोण के साथ MSMEs के भविष्य और देशभर में एक मजबूत MSME आंदोलन को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया गया।
कॉन्क्लेव का समापन-
कॉन्क्लेव का समापन स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने, MSMEs की क्षमताओं को मजबूत करने और भारतीय अर्थव्यवस्था में उनके योगदान को और बढ़ाने की सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ। नॉर्दर्न इंडिया रीजनल काउंसिल ने सभी विशिष्ट अतिथियों, वक्ताओं, उद्योग प्रतिनिधियों, पेशेवरों, उद्यमियों, संस्थान के सदस्यों और प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग ने कार्यक्रम की सफलता में योगदान दिया।