टेक्नोलॉजी में भारत की अगली छलांग! PAFI फोरम में AI और सेमीकंडक्टर पर चर्चा
क्या भारत बनेगा दुनिया का अगला टेक हब? PAFI के इंडिया 3.0 फोरम में AI, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पर बड़ा मंथन हुआ। जानिए भारत के अगले टेक लीप का पूरा रोडमैप।
नई दिल्ली: पब्लिक अफेयर्स फोरम ऑफ इंडिया (PAFI) के 13वें सालाना फोरम में भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर के भविष्य को लेकर अहम चर्चा हुई। फोरम में “लीडरशिप डायलॉग: इंडिया 3.0: द नेक्स्ट टेक लीप” नाम से एक खास सेशन आयोजित किया गया, जिसमें सरकार और इंडस्ट्री के बड़े अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
चर्चा का मुख्य फोकस-
इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मुद्दों पर बात हुई। चर्चा का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि भारत किस तरह टेक्नोलॉजी का सिर्फ बड़ा बाजार बनने के बजाय ग्लोबल टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग का अहम केंद्र बन सकता है।
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पर जोर-
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि देश में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में सिर्फ सामान बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि वैल्यू एडिशन और पूरी वैल्यू चेन में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाना भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि इसी दिशा में देश आत्मनिर्भर क्षमता विकसित करने पर काम कर रहा है। साथ ही जापान, कनाडा और दूसरे देशों के साथ मजबूत रिश्ते बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
एक ही देश पर निर्भरता से बचने की कोशिश-
एस. कृष्णन ने कहा कि कोविड-19 महामारी और उसके बाद हुए वैश्विक घटनाक्रमों ने बिजनेस और सरकारों को सप्लाई चेन से जुड़े जोखिमों को नए तरीके से देखने पर मजबूर किया है। अब कंपनियां किसी एक देश, एक बाजार या एक सप्लाई सोर्स पर ज्यादा निर्भर रहने के बजाय सप्लाई चेन में विविधता और मजबूती पर ध्यान दे रही हैं। इसका फायदा भारत को अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने में मिल सकता है।
सेमीकंडक्टर और AI पर भी चर्चा-
फोरम में भारत के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े विजन पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए सरकार और निजी कंपनियों के बीच लगातार सहयोग की जरूरत होगी। साथ ही टेक्नोलॉजी को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने, इनोवेशन को बढ़ावा देने और डिजिटल सुरक्षा बनाए रखने पर भी ध्यान देना होगा।
साथ मिलकर काम करना-
PAFI के प्रेसिडेंट और PhonePe के पब्लिक पॉलिसी एवं गवर्नमेंट अफेयर्स के वाइस प्रेसिडेंट शिवनाथ ठुकराल ने कहा कि भारत के टेक्नोलॉजिकल भविष्य को मजबूत बनाने के लिए पब्लिक पॉलिसी और प्राइवेट सेक्टर को साथ मिलकर काम करना होगा।
ग्लोबल डीप-टेक इनोवेशन की दिशा में कदम-
वहीं, PAFI के पूर्व प्रेसिडेंट और सालाना फोरम के को-चेयर विराट भाटिया ने कहा कि भारत अब बुनियादी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से आगे बढ़कर ग्लोबल डीप-टेक इनोवेशन की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। उन्होंने पारदर्शी नीतियों और लगातार पब्लिक-प्राइवेट सहयोग को जरूरी बताया।
इन मुद्दों पर फोकस-
कुल मिलाकर, PAFI के इस सेशन में भारत के अगले टेक्नोलॉजी फेज को लेकर सरकार और इंडस्ट्री के बीच सहयोग, मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, AI और डिजिटल सुरक्षा जैसे मुद्दों पर फोकस रहा।