स्वास्थ्य सेवा में क्रांतिकारी बदलाव: अपोलो स्पेक्ट्रा ने मल्टी-रोबोट सिस्टम लॉन्च किया
अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, पूसा रोड ने पर्सनलाइज़्ड 3D सर्जिकल प्लानिंग से लैस मल्टी-रोबोट सर्जिकल इकोसिस्टम का शुभारंभ किया. यह देश में शॉर्ट-स्टे और मिनिमली इनवेसिव सर्जरी के क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है.
देश में सर्जरी के आधुनिक दौर की ओर बड़ा कदम बढ़ाते हुए अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, पूसा रोड ने पर्सनलाइज़्ड 3D सर्जिकल प्लानिंग से लैस मल्टी-रोबोट सर्जिकल इकोसिस्टम का शुभारंभ किया. यह देश में शॉर्ट-स्टे और मिनिमली इनवेसिव सर्जरी के क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसे भविष्य की स्वस्थ सम्बंधित जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है. कार्यक्रम में अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप की जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. संगीता रेड्डी व इस मौके पर मौजूद विशेष अतिथि के रूप ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा भी ने नए सिस्टम की शुरुवात की.
मल्टी-स्पेशलिटी रोबोटिक सुविधाएँ -
इस अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी के साथ अपोलो स्पेक्ट्रा, पूसा रोड, इस क्षेत्र में पहला ऐसा शॉर्ट-स्टे अस्पताल बन गया है जहाँ एक ही छत के नीचे मल्टी-स्पेशलिटी रोबोटिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं. इससे उच्च परिशुद्धता और न्यूनतम चीर फाड़ सर्जरी अब अधिक सुलभ और किफायती रूप में मरीजों तक पहुँच पाएगी. मुख्य अतिरिक्त प्रणालियों में से एक मेरिल क्यूविस जॉइंट रोबोटिक सिस्टम है, जिसे घुटने और कूल्हे के प्रतिस्थापन के लिए सबसे उन्नत प्लेटफॉर्म्स में से एक माना जाता है. इसके साथ ही, एसएसआई मंत्रा सर्जिकल रोबोट द्वारा संचालित रोबोटिक सॉफ्ट टिशू सर्जरी भी है, जो सामान्य सर्जरी, यूरोलॉजी और स्त्री रोग प्रक्रियाओं के लिए डिज़ाइन किया गया भारत का उन्नत मल्टी-स्पेशियलिटी प्लेटफॉर्म है. अस्पताल ने इन तकनीकों को और प्रभावी बनाने के लिए पूरी तरह से इंटीग्रेटेड 3D मॉडलिंग सर्जरी की शुरुआत भी की है, जिससे हर मरीज की सर्जरी का प्लान पहले से ज़्यादा वैज्ञानिक, सटीक और पर्सनलाइज़्ड हो सके.

बहु-विशेषज्ञता वाली रोबोटिक क्षमताएं-यह शक्तिशाली रोबोटिक सर्जरी सुइट अपोलो स्पेक्ट्रा पूसा रोड को इस क्षेत्र के पहले अल्प प्रवास अस्पतालों में से एक के रूप में स्थापित करता है, जो एक ही छत के नीचे बहु-विशेषज्ञता वाली रोबोटिक क्षमताओं को रखता है, जिससे उच्च-सटीकता वाली, न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी सभी के लिए अधिक सुलभ हो जाती है। एनाटोमिज़ 3डी प्लेटफॉर्म सर्जनों को रोगी की शारीरिक रचना का सटीक दृश्य प्रदान करता है, जिससे चीरों और इम्प्लांट प्लेसमेंट के लिए उन्नत योजना बनाना संभव होता है, जो सटीकता और निर्णय लेने की क्षमता को काफी बढ़ाता है.
बेहतर सुरक्षा और भरोसेमंद इलाज-
लॉन्च के मौके पर बोलते हुए, अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप की ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. संगीता रेड्डी ने कहा, “एक ही जगह सारी सुविधाएं मिलने से हमारे मरीज़ों को बड़े ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन हों या जटिल सॉफ्ट टिश्यू प्रक्रियाएं, दोनों में बेहतर सुरक्षा और भरोसेमंद इलाज मिलता है. पहले जो काम एक ही रोबोटिक सिस्टम से होता था, अब यह उससे कई गुना आगे का कदम है. इससे हम अपना तकनीक-आधारित, कम समय वाला सर्जरी मॉडल और अच्छे से दे पाते हैं, जिससे खासकर बिज़ी प्रोफेशनल्स और व्यस्त वरिष्ठ नागरिकों को कम कट, कम परेशानी और तेज़ रिकवरी का फायदा मिलता है.”
मरीजों के लिए एक नया मानक स्थापित-
भारतीय पूर्व स्पोर्ट्स शूटर, पद्म भूषण सम्मानित और उद्योगपति अभिनव बिंद्रा ने कहा कि, “हेल्थकेयर के प्रति अपोलो का नजरिया अपने आप में प्रेरणादायक है, जो भविष्य की जरूरतों को देखते हुए लगातार अत्याधुनिक मेडिकल टेक्नोलॉजी में निवेश कर रहा है. उन्होंने कहा, “रोबोटिक तकनीक सर्जरी में वह सटीकता और सुरक्षा सुनिश्चित करती है, जिसकी हर मरीज को जरूरत होती है. इससे उन्नत सर्जिकल केयर अधिक सुलभ बनती है. अपोलो स्पेक्ट्रा की यह पहल बताती है कि भारत के सर्जिकल इकोसिस्टम को किस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए. यह कदम देशभर में उच्च-गुणवत्ता, सटीक और सुरक्षित सर्जरी परिणाम चाहने वाले मरीजों के लिए एक नया मानक स्थापित करेगा.”
शॉर्ट-स्टे सर्जिकल केयर के भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम-
अपने मल्टी-रोबोट सिस्टम और एडवांस्ड प्लानिंग टूल्स के साथ अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल अब दिल्ली-एनसीआर में सटीक सर्जरी के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने को तैयार है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुविधा विश्वस्तरीय मिनिमली इनवेसिव प्रक्रियाओं और तेज़ रिकवरी विकल्पों को अधिक से अधिक मरीजों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाएगी. अस्पताल का यह मॉडल भारत में शॉर्ट-स्टे सर्जिकल केयर के भविष्य को आकार देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
बाक्स:
मेरिल CUVIS जॉइंट रोबोटिक सिस्टम-
•बेहद सटीक और हर बार सही जगह पर काम करता है.
•ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर को सही दिशा में गाइड करता है.
•मरीज के हिसाब से इम्प्लांट की योजना बनाता है, जिससे यह लंबे समय तक चले.
•मरीजों को फायदा: सर्जरी आसान, शरीर के ऊतकों को कम नुकसान, कम खून बहना, और इम्प्लांट सही जगह पर.
SSI मंत्रा सॉफ्ट-टिशू सर्जरी-
• जनरल सर्जरी, यूरोलॉजी और
गायनेकोलॉजी के लिए विशेष रूप से तैयार.
• मुश्किल केस भी कम चीरे और कम दर्द के साथ कर सकते हैं.
• 3D हाई-डेफिनिशन विज़ुअलाइज़ेशन
• इंसानी हाथ से भी ज़्यादा फुर्तीले और सटीक इंस्ट्रूमेंट्स.
• हाथ में कंपकंपाहट नहीं आने देता.
• मरीजों को फायदा: कम दर्द, शरीर पर कम नुकसान और सर्जरी सुरक्षित.