दीया मिर्जा ने पहनी ऑर्गेनिक शिबोरी साड़ी, खूबसूरती के साथ दिया सस्टेनेबल फैशन का संदेश

दीया मिर्जा का हालिया साड़ी लुक खूबसूरती के साथ सस्टेनेबल फैशन का संदेश भी देता है। उन्होंने प्रकृति से प्रेरित डिजाइन वाली ऑर्गेनिक शिबोरी साड़ी पहनी, जिसमें पारंपरिक कारीगरी और आधुनिक स्टाइल का खूबसूरत मेल देखने को मिला। उनका यह अंदाज दिखाता है कि पर्यावरण के अनुकूल फैशन भी लग्जरी और ग्लैमरस हो सकता है।

दीया मिर्जा ने पहनी ऑर्गेनिक शिबोरी साड़ी, खूबसूरती के साथ दिया सस्टेनेबल फैशन का संदेश

बॉलीवुड एक्ट्रेस और पर्यावरण कार्यकर्ता दीया मिर्जा अपने फैशन सेंस के लिए भी जानी जाती हैं। हाल ही में उनका एक साड़ी लुक सोशल मीडिया पर चर्चा में है। खास बात यह है कि दीया का यह लुक सिर्फ खूबसूरत ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति उनकी सोच को भी दिखाता है।

साड़ी का डिजाइन प्रकृति से प्रेरित-

दीया मिर्जा ने हालिया पब्लिक अपीयरेंस के लिए शिबोरी तकनीक से तैयार की गई ऑर्गेनिक साड़ी पहनी। इस साड़ी का डिजाइन प्रकृति से प्रेरित है और इसमें जड़ों की खूबसूरत संरचना को दिखाया गया है। साड़ी पर बना फ्लोइंग पैटर्न ऐसा लगता है, जैसे जमीन के नीचे फैली हुई जड़ें एक-दूसरे से जुड़ रही हों।

क्या है शिबोरी तकनीक?

शिबोरी एक पारंपरिक डाइंग तकनीक है, जिसमें कपड़े को अलग-अलग तरीके से मोड़ा, बांधा और फिर रंगा जाता है। इससे कपड़े पर हर बार अलग और खास पैटर्न तैयार होता है। इसमें हाथों से की गई मेहनत और कारीगरी का बड़ा योगदान होता है। शिबोरी को कई बार लोग बंधानी समझ लेते हैं, लेकिन दोनों तकनीकों में फर्क है। बंधानी में आमतौर पर छोटे-छोटे बिंदीदार पैटर्न देखने को मिलते हैं, जबकि शिबोरी में पैटर्न ज्यादा सॉफ्ट, फ्लोइंग और आर्टिस्टिक नजर आते हैं।

दीया के लिए फैशन से बढ़कर है यह पसंद-

दीया मिर्जा लंबे समय से पर्यावरण और सस्टेनेबिलिटी को लेकर अपनी आवाज उठाती रही हैं। ऐसे में उनका ऑर्गेनिक कपड़े और पारंपरिक क्राफ्ट को चुनना उनके विचारों से भी जुड़ा हुआ नजर आता है। उनका यह लुक इस बात की मिसाल है कि सस्टेनेबल फैशन का मतलब सिर्फ साधारण या कम ग्लैमरस कपड़े पहनना नहीं है। पारंपरिक कारीगरी और प्राकृतिक तरीकों से तैयार किए गए आउटफिट भी बेहद स्टाइलिश और लग्जरी नजर आ सकते हैं।

शिबोरी साड़ियों की कीमत भी कम नहीं-

शिबोरी से तैयार डिजाइनर साड़ियों और ड्रेप्स की कीमत भी काफी ज्यादा हो सकती है। उदाहरण के लिए, अनामिका खन्ना का ब्लैक शिबोरी साड़ी सेट करीब 52,930 रुपये का बताया जाता है। वहीं, कारीगर एंड कंपनी का पर्पल एम्ब्रॉयडर्ड ड्रेप्ड साड़ी सेट करीब 45,180 रुपये का है। पुनीत बलना का ब्लू प्रिंटेड प्री-ड्रेप्ड साड़ी सेट करीब 34,650 रुपये का बताया जाता है, जबकि टसर सिल्क से बनी येलो शिबोरी साड़ी की कीमत करीब 25,750 रुपये है। यानी सस्टेनेबल फैशन अब सिर्फ बजट या साधारण कपड़ों तक सीमित नहीं रह गया है। अच्छी कारीगरी, ऑर्गेनिक फैब्रिक और पारंपरिक तकनीक से तैयार कपड़े लग्जरी फैशन का हिस्सा भी बन रहे हैं।

भारतीय फैशन में लौट रही है पुरानी कारीगरी-

दीया मिर्जा का यह लुक इस बात की ओर भी इशारा करता है कि भारतीय फैशन में पारंपरिक तकनीकों को एक बार फिर नई पहचान मिल रही है। प्राकृतिक रंगों, हथकरघे और हाथ से की जाने वाली कारीगरी को आधुनिक डिजाइन के साथ पेश किया जा रहा है। अगर ज्यादा सेलिब्रिटीज ऐसे फैशन को अपनाते हैं, तो पारंपरिक भारतीय शिल्प और सस्टेनेबल फैशन को और बढ़ावा मिल सकता है। दीया का यह लुक इसी सोच को स्टाइलिश अंदाज में सामने रखता है।