फोर्टिस एस्कॉर्ट्स में लॉन्च हुई AI और रोबोट वाली हाईटेक कैथ लैब, जटिल हार्ट के इलाज को मिलेगी नई ताकत

फोर्टिस एस्कॉर्ट्स, नई दिल्ली ने AI आधारित रोबोटिक हाइब्रिड कैथ लैब ‘ARTIS pheno.vision’ लॉन्च की है। इससे दिल और नसों की जटिल बीमारियों के इलाज में अधिक सटीकता मिलेगी और मरीजों को कम चीर-फाड़ वाली प्रक्रियाओं का विकल्प मिल सकेगा।

फोर्टिस एस्कॉर्ट्स में लॉन्च हुई AI और रोबोट वाली हाईटेक कैथ लैब, जटिल हार्ट के इलाज को मिलेगी नई ताकत

फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, नई दिल्ली ने एक नई और अत्याधुनिक तकनीक की शुरुआत की है। अस्पताल ने AI आधारित रोबोट-असिस्टेड हाइब्रिड कैथ लैब ‘ARTIS pheno.vision’ लॉन्च की है। इसकी मदद से दिल और खून की नसों से जुड़ी जटिल बीमारियों का इलाज ज्यादा सटीक तरीके से करने में मदद मिलेगी।

रोबोटिक एंजियोग्राफी, AI इमेजिंग-

इस नई कैथ लैब में रोबोटिक एंजियोग्राफी, AI इमेजिंग और आधुनिक ऑपरेशन थिएटर की सुविधाएं एक साथ मौजूद हैं। इससे डॉक्टरों को इलाज की बेहतर प्लानिंग करने, शरीर के अंदर की तस्वीरों को साफ तरीके से देखने और इलाज के दौरान जरूरी उपकरणों को सही जगह तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

तकनीक की खास बात-

इस तकनीक की खास बात यह है कि कुछ मरीजों का इलाज छोटे चीरे और कम चीर-फाड़ वाली प्रक्रियाओं से किया जा सकता है। इससे मरीज को सर्जरी का कम दबाव झेलना पड़ सकता है और अस्पताल में रहने का समय भी कम हो सकता है। हालांकि, यह मरीज की बीमारी और उसकी मेडिकल स्थिति पर निर्भर करेगा।यह सुविधा खासतौर पर उन मरीजों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिन्हें दिल या नसों से जुड़ी गंभीर बीमारी है या जिनका इलाज करना डॉक्टरों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। इस सिस्टम में डॉक्टर जरूरत के मुताबिक कैथेटर से इलाज और सर्जरी के बीच बेहतर तालमेल बना सकते हैं।

किन बीमारियों के इलाज में मिलेगी मदद?

नई हाइब्रिड कैथ लैब की मदद से दिल और नसों से जुड़ी कई जटिल प्रक्रियाएं की जा सकती हैं। इनमें प्रमुख हैं:

* TAVI/TAVR: खराब एओर्टिक वाल्व को बदलने की प्रक्रिया।

* EVAR: एओर्टा में एन्यूरिज्म यानी धमनी के असामान्य रूप से फूलने का इलाज।

* मिट्रल क्लिप और TMVR: दिल के मिट्रल वाल्व से जुड़ी समस्याओं के इलाज की प्रक्रियाएं।

* पेरिफेरल वैस्कुलर ट्रीटमेंट: हाथ-पैर और शरीर की दूसरी नसों से जुड़ी बीमारियों का इलाज।

* पेसमेकर से जुड़ी प्रक्रियाएं: CRT-D और लीडलेस पेसमेकर जैसी तकनीकों का इस्तेमाल।

* जटिल हार्ट प्रक्रियाएं: जरूरत के मुताबिक रोबोटिक कार्डियक सर्जरी और एंजियोप्लास्टी को मिलाकर इलाज करना।

डॉक्टरों ने क्या कहा?

फोर्टिस हेल्थकेयर के एमडी एवं सीईओ डॉ. आशुतोष रघुवंशी ने कहा कि अस्पताल का मकसद आधुनिक तकनीक और डॉक्टरों के अनुभव को एक साथ लाकर मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। नई रोबोटिक हाइब्रिड कैथ लैब से जटिल हृदय और नसों से जुड़ी बीमारियों के इलाज की क्षमता बढ़ेगी।

सर्जरी की सुविधा काफी उपयोगी-

वहीं, फोर्टिस हेल्थकेयर में कार्डियक साइंसेज के चेयरमैन डॉ. अशोक सेठ ने बताया कि गंभीर स्थिति वाले मरीजों के लिए एक ही ऑपरेशन थिएटर में कैथेटर आधारित इलाज और जरूरत पड़ने पर सर्जरी की सुविधा काफी उपयोगी हो सकती है। उनके मुताबिक, रोबोटिक पोजिशनिंग और बेहतर इमेजिंग से डॉक्टरों को इलाज के दौरान उपकरणों को अधिक सटीक तरीके से लगाने में मदद मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस तकनीक को उपलब्ध कराने वाला फोर्टिस एस्कॉर्ट्स, नई दिल्ली एकमात्र कॉर्पोरेट अस्पताल है।

बेहतर कार्डियोवैस्कुलर इलाज देने में मदद-

फोर्टिस हेल्थकेयर के रीजनल डायरेक्टर–ऑपरेशंस डॉ. विक्रम अग्रवाल ने कहा कि इस नई सुविधा से जटिल और हाई-रिस्क मरीजों को समय पर बेहतर कार्डियोवैस्कुलर इलाज देने में मदद मिलेगी। जरूरत पड़ने पर इलाज के दौरान सर्जरी की सुविधा भी जोड़ी जा सकती है।

क्या है इस नई तकनीक का फायदा?

कुल मिलाकर, AI, रोबोटिक्स और आधुनिक इमेजिंग से लैस यह कैथ लैब दिल के जटिल मामलों में डॉक्टरों को इलाज की बेहतर योजना बनाने और प्रक्रियाओं को अधिक सटीकता से पूरा करने में मदद कर सकती है। इससे उपयुक्त मरीजों को कम चीर-फाड़ वाले इलाज का विकल्प मिल सकता है।

हालांकि, हर मरीज के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल जरूरी या उपयुक्त नहीं होगा। इलाज का सही तरीका मरीज की बीमारी, उसकी स्थिति और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर तय किया जाएगा।