मानसून में कैसे रहें फिट? 'यादें' के कलाकारों ने बताए दादी-नानी के अचूक घरेलू नुस्खे
बरसात के मौसम में खुद को स्वस्थ रखने के लिए सोनी सब के शो 'यादें' के कलाकारों ने अपने पसंदीदा घरेलू नुस्खे साझा किए हैं। जानिए कैसे हल्दी वाला दूध, काढ़ा, गुनगुना पानी और देसी उपाय उन्हें मानसून में फिट और बीमारियों से सुरक्षित रखने में मदद करते हैं।
बरसात का मौसम अपने साथ ठंडी फुहारें तो लाता ही है, लेकिन खांसी, जुकाम और वायरल जैसी परेशानियां भी बढ़ा देता है। ऐसे में सोनी सब के शो 'यादें' के कलाकारों ने बताया कि वे इस मौसम में खुद को फिट रखने के लिए कौन-कौन से आसान घरेलू नुस्खे अपनाते हैं।
पारंपरिक नुस्खों पर भरोसा करते हैं-
शो में भले ही जेबीएमएमसी हॉस्पिटल के डॉक्टर मरीजों का इलाज करते नजर आते हों, लेकिन असल जिंदगी में ये कलाकार भी दादी-नानी के पारंपरिक नुस्खों पर भरोसा करते हैं। हल्दी वाला दूध, काढ़ा, गर्म पानी और घर का बना सादा खाना इनके रोज़मर्रा के रूटीन का हिस्सा है।
हल्दी वाला दूध पीने से काफी राहत मिलती है-
डॉ. सृष्टि अग्रवाल का किरदार निभा रहीं गुलकी जोशी बताती हैं कि बरसात उन्हें हमेशा घर की याद दिलाती है। उनका कहना है कि लंबे शूटिंग शेड्यूल के बाद रात में हल्दी वाला दूध पीने से काफी राहत मिलती है। इसके अलावा वह दिनभर गर्म पानी पीती हैं और ठंडी चीजों से दूरी बनाए रखती हैं।

कच्ची हल्दी और गुनगुने पानी से शुरू करते हैं सुबह की शुरुआत-
वहीं डॉ. देव मेहता बने इक़बाल खान अपनी सुबह कच्ची हल्दी के छोटे टुकड़े और गुनगुने पानी से शुरू करते हैं। उनका मानना है कि यह आदत उन्हें स्वस्थ रखने में मदद करती है। बरसात में वह खासतौर पर स्ट्रीट फूड खाने से बचते हैं। उनका कहना है कि अगर कभी तबीयत खराब भी हो जाए तो वह इसे शरीर का संकेत मानते हैं कि अब थोड़ा आराम करने की जरूरत है।

घर का बना काढ़ा पीते हैं-
डॉ. रौनक की भूमिका निभा रहे देविश आहूजा ने अपने घर की एक दिलचस्प परंपरा भी साझा की। उनके घर में बारिश हो और पकौड़े न बनें, ऐसा हो ही नहीं सकता। लेकिन पकौड़ों के साथ घर का बना काढ़ा भी ज़रूर पिया जाता है। इसके अलावा वह हमेशा अपने साथ गुड़ और भुनी हुई सौंफ रखते हैं, क्योंकि उनकी दादी मानती थीं कि इससे पाचन ठीक रहता है।

आसान और देसी उपायों पर करते हैं भरोसा-
बरसात के मौसम में ये छोटे-छोटे घरेलू नुस्खे न सिर्फ सेहत का ध्यान रखते हैं, बल्कि परिवार की पुरानी परंपराओं से भी जोड़कर रखते हैं। यही वजह है कि 'यादें' के कलाकार आज भी इन आसान और देसी उपायों पर भरोसा करते हैं।