मिलेनियम मैम्स ग्लोबल ने शुरू किया दिल्ली चैप्टर, महिलाओं की वित्तीय साक्षरता पर जोर

मिलेनियम मैम्स ग्लोबल ने दिल्ली चैप्टर की शुरुआत की। कार्यक्रम में महिलाओं की वित्तीय साक्षरता, बचत, निवेश और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर चर्चा हुई। संस्थापक बिष्णु धनुका ने महिलाओं से अपने पैसे और निवेश को समझने के साथ वित्तीय फैसलों में खुद सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। संगठन ने दिल्ली-NCR के साथ देश के अन्य शहरों में भी अपनी गतिविधियों के विस्तार की बात कही।

मिलेनियम मैम्स ग्लोबल ने शुरू किया दिल्ली चैप्टर, महिलाओं की वित्तीय साक्षरता पर जोर

महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मिलेनियम मैम्स ग्लोबल ने दिल्ली चैप्टर की शुरुआत की। इस मौके पर महिलाओं के बीच वित्तीय साक्षरता, बचत, निवेश और अपने पैसे को बेहतर तरीके से संभालने को लेकर चर्चा हुई।

महिलाओं से अपील की-

संगठन की संस्थापक बिष्णु धनुका ने महिलाओं से अपील की कि वे अपने पैसे और निवेश से जुड़े फैसलों को समझें और इसके लिए पूरी तरह किसी दूसरे व्यक्ति पर निर्भर न रहें। उन्होंने कहा कि महिलाएं दिनभर मेहनत करके कमाती हैं, लेकिन अगर उन्हें अपने पैसे के बारे में ही जानकारी नहीं है, तो इस स्थिति को बदलने की जरूरत है। उनके मुताबिक, वित्तीय जानकारी महिलाओं को ज्यादा आत्मनिर्भर बनाती है।

बचत और आर्थिक स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर बातचीत-

कार्यक्रम में दिल्ली-NCR के साथ जयपुर, कोलकाता और दुबई से भी महिला सदस्य शामिल हुईं। यहां निवेश, बचत और आर्थिक स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई। बिष्णु धनुका ने कहा कि सिर्फ किसी निवेश योजना के बारे में जानना काफी नहीं है। महिलाओं को यह भी समझना चाहिए कि महंगाई, ब्याज दर, बाजार और देश की आर्थिक स्थिति उनके पैसे और निवेश को किस तरह प्रभावित कर सकती है।

नेटवर्क 22 देशों के 100 से ज्यादा शहरों में मौजूद-

मिलेनियम मैम्स ग्लोबल महिला उद्यमियों, प्रोफेशनल्स और निवेशकों का एक नेटवर्क है। संगठन के मुताबिक, इसकी शुरुआत 1993 में बिष्णु धनुका और संजय भुवानिया ने की थी। आज यह नेटवर्क 22 देशों के 100 से ज्यादा शहरों में मौजूद है और इसके 15 हजार से अधिक सदस्य हैं।

विस्तार की योजना पर काम-

संगठन दिल्ली-NCR में अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के साथ आने वाले समय में हैदराबाद, औरंगाबाद और मुंबई जैसे शहरों में भी विस्तार की योजना पर काम कर रहा है।

संदेश साफ है-

महिलाओं के लिए सिर्फ कमाना ही नहीं, बल्कि अपने पैसे को समझना और सही तरीके से संभालना भी जरूरी है।