‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ Review: विजय सलगांवकर का आखिरी खेल कितना दमदार?
‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ में फिर से सस्पेंस, ट्विस्ट और खूब सारा रहस्य देखने को मिलता है। शुरुआत थोड़ी शांत है, लेकिन कहानी आगे बढ़ते ही सवाल बढ़ते जाते हैं।
अजय देवगन एक बार फिर विजय सलगांवकर के किरदार में लौट आए हैं। ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है और फिल्म को लेकर रिलीज से पहले ही काफी चर्चा देखने को मिली।
करोड़ रुपये नेट तक रहने की संभावना-
फिल्म की एडवांस बुकिंग को लेकर सामने आई ट्रेड रिपोर्ट्स में मजबूत प्री-सेल्स दर्ज होने की बात कही गई थी। रिलीज से पहले कुछ ट्रेड अनुमानों में फिल्म की ओपनिंग करीब 50 करोड़ रुपये नेट तक रहने की संभावना जताई गई थी। हालांकि, ये अनुमान हैं और असली बॉक्स ऑफिस कलेक्शन रिलीज के बाद ही सामने आते हैं।
क्या ‘दृश्यम’ वाला सस्पेंस फिर देखने को मिलता है?
‘दृश्यम’ फ्रैंचाइजी की पहचान इसके सस्पेंस, ट्विस्ट और विजय सलगांवकर के दिमागी खेल से रही है। तीसरे पार्ट में भी कहानी पिछले हिस्सों से जुड़ती हुई आगे बढ़ती है। फिल्म की शुरुआत थोड़ी शांत है, लेकिन कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, सवाल और सस्पेंस दोनों बढ़ने लगते हैं। स्क्रीनप्ले कहानी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाता है और दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखने की कोशिश करता है।
एडवांस बुकिंग ने बनाया माहौल-
रिलीज से पहले आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म की एडवांस बुकिंग ने काफी तेज रफ्तार पकड़ी थी। 1 अक्टूबर की रात तक कुछ ट्रेड आंकड़ों में घरेलू एडवांस बुकिंग 50 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई थी, जिसमें ब्लॉक सीट्स भी शामिल थीं। बिना ब्लॉक सीट्स के आंकड़ा अलग था। इसलिए इन नंबरों को अलग-अलग ट्रेड स्रोतों के हिसाब से देखना जरूरी है। ओवरसीज में भी प्री-सेल्स को लेकर मजबूत आंकड़े सामने आए थे। लेकिन इन आंकड़ों का अंतिम बॉक्स ऑफिस कलेक्शन से सीधा मिलान रिलीज के बाद ही किया जा सकता है।
कौन-कौन नजर आ रहा है?
फिल्म में अजय देवगन के साथ तब्बू, श्रिया सरन, इशिता दत्ता, जयदीप अहलावत, प्रकाश राज और रजत कपूर अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया है।
सस्पेंस, ट्विस्ट और दिमागी खेल-
अगर आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं जिनमें सस्पेंस, ट्विस्ट और दिमागी खेल हो, तो ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ आपके लिए दिलचस्प हो सकती है। फिल्म की असली ताकत इसकी कहानी के खुलने के तरीके और विजय सलगांवकर के किरदार के आसपास बने सस्पेंस में है। बिना स्पॉइलर के इतना कहा जा सकता है कि फिल्म लगातार यही सवाल खड़ा करती है—इस बार विजय का खेल कितना आगे जाएगा?