AI और डिजिटल इफेक्ट्स के बीच केवट बनेंगे मनोज तिवारी, 11 अक्टूबर से रामलीला

लालकिला मैदान की लव कुश रामलीला में इस बार मनोज तिवारी केवट की भूमिका निभाएंगे। 11 से 21 अक्टूबर तक होने वाली रामलीला में AI, डिजिटल इफेक्ट्स और हाईटेक साउंड के साथ कई खास प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी।

AI और डिजिटल इफेक्ट्स के बीच केवट बनेंगे मनोज तिवारी, 11 अक्टूबर से रामलीला

लालकिला मैदान में होने वाली मशहूर लव कुश रामलीला इस बार भी भव्य अंदाज में दर्शकों के सामने होगी। खास बात यह है कि अभिनेता, गायक और सांसद मनोज तिवारी इस बार रामलीला में केवट की भूमिका निभाते नजर आएंगे। वह अपने गीतों और संवादों के जरिए प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण को नाव से नदी पार कराते हुए दिखाई देंगे।

केवट के किरदार को खास अंदाज में पेश करेंगे-

लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि मनोज तिवारी पिछले कई वर्षों से रामलीला के मंच पर अलग-अलग किरदार निभाते रहे हैं। इससे पहले वह परशुराम और अंगद जैसे किरदारों में नजर आ चुके हैं। इस बार उनके केवट के किरदार को खास अंदाज में पेश करने की तैयारी है।

AI और डिजिटल इफेक्ट्स से खास बनेगा केवट प्रसंग-

रामलीला के इस दृश्य को और प्रभावशाली बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। मंच पर AI, कंप्यूटर ग्राफिक्स, एनीमेशन, डिजिटल विजुअल, वीडियो मैपिंग, विजुअल इफेक्ट्स और हाईटेक साउंड सिस्टम का इस्तेमाल होगा। यानी दर्शकों को रामलीला की पारंपरिक कहानी के साथ आधुनिक तकनीक का भी अनुभव मिलेगा।

‘घर-घर राम, घर-घर तुलसी’ का संदेश-

कमेटी ने इस बार रामलीला के निमंत्रण पत्रों पर ‘घर-घर राम, घर-घर तुलसी’ का संदेश भी शामिल किया है। कमेटी के मुताबिक, युवाओं खासकर Gen Z को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के उद्देश्य से 5100 तुलसी के पौधे वितरित किए जाएंगे।वहीं, दशहरा के मौके पर एक लाख दीपों से भगवान श्रीराम की आकृति बनाने की भी तैयारी है।

11 से 21 अक्टूबर तक होगी रामलीला-

लव कुश रामलीला कमेटी के महासचिव सुभाष गोयल ने बताया कि इस साल रामलीला का मंचन 11 से 21 अक्टूबर 2026 तक लालकिला मैदान में होगा। 20 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा। इससे पहले 9 अक्टूबर को लव कुश रामलीला और इंटरनेशनल रामलीला महोत्सव एसोसिएशन के सहयोग से दिल्ली-NCR के स्कूली छात्र-छात्राएं लीला स्थल पर संपूर्ण रामायण की प्रस्तुति देंगे।

रामलीला का समापन 21 अक्टूबर-

कमेटी के चेयरमैन पवन गुप्ता और वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्यभूषण जैन ने बताया कि 11 अक्टूबर को वृंदावन, मथुरा और दिल्ली से आए विद्वान पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार और विधि-विधान से गणेश पूजन कराया जाएगा। इसके बाद रामलीला का औपचारिक शुभारंभ होगा। रामलीला का समापन 21 अक्टूबर को भरत मिलाप और भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ होगा।

किरदार को पूरी लगन और समर्पण के साथ निभाने की कोशिश-

मनोज तिवारी ने कहा कि उन्हें एक बार फिर रामलीला के मंच पर प्रभु श्रीराम की सेवा करने का मौका मिलने पर खुशी है। उन्होंने कहा कि वह केवट के किरदार को पूरी लगन और समर्पण के साथ निभाने की कोशिश करेंगे। मनोज तिवारी ने यह भी बताया कि बचपन से ही वह अपने गांव की रामलीला से जुड़े रहे हैं और आज भी इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।