बुखार है तो फ्लू वैक्सीन लगवानी चाहिए? IMA की नई गाइडलाइन
बुखार में फ्लू की वैक्सीन लगवानी चाहिए या नहीं? IMA और एबॉट की नई गाइडलाइन में जानिए हल्के और तेज बुखार में टीकाकरण को लेकर क्या सलाह दी गई है और फ्लू वैक्सीन क्यों जरूरी है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने एबॉट के सहयोग से 21 से 27 सितंबर तक भारतीय टीकाकरण सप्ताह मनाने की शुरुआत की है। इसका मकसद लोगों को टीकाकरण के फायदे समझाना और खासतौर पर इन्फ्लुएंजा यानी फ्लू से बचाव के लिए हर साल टीका लगवाने को लेकर जागरूक करना है।
हेल्थकेयर वर्कर्स में जटिलताओं का खतरा ज्यादा-
फ्लू को कई लोग सामान्य मौसमी बीमारी मानते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर हो सकता है और अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत भी पड़ सकती है। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, लंबे समय से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों और हेल्थकेयर वर्कर्स में जटिलताओं का खतरा ज्यादा हो सकता है।

बुखार में फ्लू का टीका लगवाएं या नहीं?
टीकाकरण को लेकर एक आम सवाल यह है कि अगर किसी व्यक्ति को बुखार है या वह हाल ही में बीमारी से ठीक हुआ है, तो क्या उसे फ्लू का टीका लगवाना चाहिए? इसी सवाल को ध्यान में रखते हुए IMA की विशेषज्ञ समिति ने उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाणों और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय टीकाकरण संबंधी सिफारिशों की समीक्षा की है। इसके आधार पर स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन जारी किया गया है। सिफारिशों के मुताबिक, हल्का बुखार आमतौर पर टीकाकरण टालने की वजह नहीं होना चाहिए। वहीं, अगर व्यक्ति को मध्यम से गंभीर बीमारी है, तो पूरी तरह ठीक होने तक टीकाकरण को टाला जा सकता है। इसका फैसला व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए डॉक्टर कर सकते हैं। IMA ने यह भी जोर दिया है कि अगर किसी वजह से टीकाकरण टालना पड़े, तो इसे अनिश्चित समय तक नहीं टालना चाहिए। मरीज को दोबारा टीकाकरण या जांच के लिए एक निश्चित तारीख बताना जरूरी है, ताकि टीका लगवाने का मौका छूट न जाए।

भारत में वयस्क टीकाकरण अभी भी बड़ी चुनौती-
भारत में वयस्क टीकाकरण को लेकर जागरूकता और कवरेज अभी भी कम है। उपलब्ध NSS आंकड़ों के अनुसार, 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के केवल 1.98% वयस्कों ने वयस्क टीके लगवाए हैं। 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों में यह आंकड़ा 0.40% बताया गया है। IMA और एबॉट की यह पहल इसी जानकारी के अंतर को कम करने और लोगों को समय पर टीकाकरण को लेकर सही जानकारी देने पर केंद्रित है।
टीकाकरण का सही समय तय-
सीधी बात यह है कि बुखार होने पर हर व्यक्ति के लिए टीका टालना जरूरी नहीं है। बीमारी की गंभीरता और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर डॉक्टर टीकाकरण का सही समय तय कर सकते हैं।